नई दिल्ली (एजेंसी)। यातायात नियम के उल्लंघन में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने मंजूर कर लिया है। अदालत ने कहा है कि यह बेहद मुश्किल दौर है। कोरोना के कारण हर तरफ भय का माहौल है। ऐसे में छोटे-छोटे मामलों में आरोपी को जेल भेजना उचित नहीं है। इसलिए आरोपी को जमानत दी जा रही है। पटियाला हाउस अदालत में इस मामले के जांच अधिकारी व सरकारी वकील ने भी कहा कि आरोपी से वह फिलहाल कोई पूछताछ नहीं करना चाहते और ना ही वह आरोपी की जमानत का विरोध कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने आरोपी को 30 हजार रुपये के निजी मुचलके एवं इतने ही रुपये मूल्य के एक जमानती के आधार पर सशर्त जमानत दे दी है।

अदालत ने कहा है कि जब भी पुलिस जांच के लिए उसे बुलाए तो वह हाजिर हो और जांच में पूरा सहयोग करे। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना का कहर हर जगह फैला है। जेल भी इससे अछूती नहीं हैं। ऐसे में जेल में कैदियों की संख्या बढ़ाना उचित नहीं होगा। क्योंकि जितने कैदी बढ़ेंगे उतना ही सामाजिक दूरी को बनाए रखना के नियम का पालन करना मुश्किल होगा। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि वैसे भी यह मामला इतना गंभीर नहीं है जिसमें आरोपी को जेल भेजना समाज के हित में हो। इस मुश्किल दौर के गुजर जाने के बाद भी आरोपी से फर्जी लाइसेंस को लेकर पूछताछ की जा सकती है। बहरहाल उसे राहत देना उचित है।




