नई दिल्ली (एजेंसी)। टीकाकरण के क्षेत्र में शनिवार को अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल इसकी सिंगल खुराक वाली वैक्सीन को भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

बता दें कि पिछले सप्ताह ही अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में कोरोना टीके के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति मांगी थी। हालांकि भारत में वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए क्लिनिकल ट्रायल जरूरी नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक जॉनसन एंड जॉनसन की ओर से डीजीसीआई को दी गई अर्जी में कहा गया था कि वे भारत में 600 लोगों पर ट्रायल करना चाहते हैं। दो समूह में ट्रायल की अर्जी दी गई थी। एक समूह में 18 से 60 वर्ष के लोगों को रखा जाएगा। दूसरे में 60 वर्ष से अधिक के लोग होंगे। तीसरे चरण में टीके की सुरक्षा और इम्युनिटी लेवल की जांच होगी। जॉनसन एंड जॉनसन के इस टीके की एक ही खुराक लगनी है। वैक्सीन लगने के 28 दिन बाद रक्त के नमूनों को लेकर इम्युनिटी लेवल की जांच होगी।
एक डोज में होगा काम
जॉनसन एंड जॉनसन ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिसके दूसरे बीमारियों से लडऩे में रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। जॉनसन एंड जॉनसन जिस वैक्सीन का निर्माण कर रही है, उसे न तो अस्पताल भेजे जाने तक फ्रीजर में रखने की जरूरत है और हो सकता है कि मरीज का एक डोज में इलाज हो जाए। इतिहास में कभी भी वैक्सीन टेस्टिंग और निर्माण इतनी तेजी से नहीं हुआ। जॉनसन एंड जॉनसन के पीछे सैनोफी और नोवा वैक्स भी वैक्सीन डेवलप करने में लगी हुई हैं। इनके भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।




