ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: सफलता की कहानी: पार्वती बाई को नहीं जाना पड़ा अस्पताल, एमएमयू से घर के पास हो गया मुफ्त इलाज
Share
Notification Show More
Latest News
घसीदास नगर के शिवशक्ति तालाब में डूबा युवक, घंटो मशक्कत के बाद एसडीआरएफ ने निकाला शव
October 3, 2026
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में होंगी 1812 पदों पर संविदा भर्ती
October 3, 2026
एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, बोले- कवर्धा की बेटी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का मान
October 3, 2026
दस दिन बाद सुलझा हत्या का मामला, बकाया पैसे के विवाद में लकड़ी के फाड़े से किया था वार
October 3, 2026
मध्य प्रदेश में क्यों नहीं बन रहे पर्याप्त अंग प्रत्यारोपण केंद्र? - डॉ. अतुल मलिकराम, राजनीतिक रणनीतिकार
मध्य प्रदेश में क्यों नहीं बन रहे पर्याप्त अंग प्रत्यारोपण केंद्र? – डॉ. अतुल मलिकराम, राजनीतिक रणनीतिकार
October 3, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeatured

सफलता की कहानी: पार्वती बाई को नहीं जाना पड़ा अस्पताल, एमएमयू से घर के पास हो गया मुफ्त इलाज

By @dmin Published August 7, 2021
Share
Success Story: Parvati Bai did not have to go to the hospital
Success Story: Parvati Bai did not have to go to the hospital
SHARE

रायपुर। रायपुर डगनिया क्षेत्र की श्रीमती पार्वती बाई को पिछले कुछ दिनों से कमजोरी महसूस हो रही थी। श्रीमती शकुंतला के हाथ-पैर में दर्द था। मजदूरी करने वाली श्रीमती जयंती को भी सिर में दर्द महसूस हो रहा था। ये सभी महिलाएं अपने उपचार के लिए अस्पताल तो जाना चाहती थी, लेकिन कार्य की व्यस्तता की वजह से नहीं जा पा रही थी। इनके घर के पास जब मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंची तो इन सभी की बीमारी झट से दूर हो गई।

मोबाइल मेडिकल यूनिट में मौजूद चिकित्सक की टीम ने सभी महिलाओं का स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाइयां दी। इलाज के लिए अस्पताल न जा पाने वाली इन महिलाओं ने बताया कि पहले बीमार होते ही निजी अस्पताल जाना पड़ता था और पैसे भी खर्च करने पड़ते थे। अब जबकि मुख्यमंत्री स्लम स्थास्थ्य योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम स्लम इलाकों में घर के पास शिविर लगाकर लोगों का इलाज कर रही है। इससे महिलाओं को मुफ्त में उपचार मिल रहा है। एसे में ये सभी सरकार का आभार जताना नहीं भूलती।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की पहल से शहरी क्षेत्र के स्लम इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों को नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के 14 नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच कर लोगों का इलाज कर रही है। इस योजना के तहत स्लम क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार, दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परामर्श सुविधा नि:शुल्क दी जा रही है। यूनिट में ओपीडी, प्रयोगशाला जांच के साथ दवा वितरण और लैब में 41 प्रकार की स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से भी मोबाइल मेडिकल टीम रायपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम क्षेत्र में पहुंचकर लोगों का नि:शुल्क उपचार कर रही है।

अब तक 7 लाख से अधिक मरीज उठा चुके हैं लाभ
एक नवम्बर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगम में शुरू हुई 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग 13 हजार शिविर स्लम क्षेत्रों में लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट और दाई दीदी क्लीनिक से अब तक 7 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 9 माह में 5 लाख 83 हजार 766 मरीजों को दवाओं को वितरण लगभग 1 लाख 45 हजार 928 का हुआ लैब टेस्ट भी हुआ है।

रायपुर में सबसे अधिक 3277 शिविर में 1 लाख 79 हजार 698 मरीज लाभान्वित हुए हैं और 164588 मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 1464 कैंप में 75378, बिलासपुर में 875 कैंप में 64650, दुर्ग में 879 कैंप में 43230 और राजनांदगांव में 869 शिविर में 46430 मरीज लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह भिलाई में 659 कैंप में 42253, रिसाली में 444 कैंप में 23723 भिलाई चरोदा में 435 कैंप में 22501, अंबिकापुर में 745 कैंप में 36293, जगदलपुर में 808 कैंप में 35945, रायगढ़ में 791 कैंप में 42777, कोरिया चिरमिरी में 341 कैंप में 14800, बीरगांव में 404 कैंप में 21614 मरीज लाभान्वित हुए हैं। दाई-दीदी क्लीनिक का रायपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम में अच्छा रिस्पांश मिल रहा है। 612 कैंपों में 38075 महिलाएं इससे लाभन्वित हुई है।

You Might Also Like

घसीदास नगर के शिवशक्ति तालाब में डूबा युवक, घंटो मशक्कत के बाद एसडीआरएफ ने निकाला शव

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में होंगी 1812 पदों पर संविदा भर्ती

एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, बोले- कवर्धा की बेटी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का मान

दस दिन बाद सुलझा हत्या का मामला, बकाया पैसे के विवाद में लकड़ी के फाड़े से किया था वार

मध्य प्रदेश में क्यों नहीं बन रहे पर्याप्त अंग प्रत्यारोपण केंद्र? – डॉ. अतुल मलिकराम, राजनीतिक रणनीतिकार

@dmin August 7, 2021
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Johnson & Johnson's big success in India जॉनसन एंड जॉनसन को भारत में बड़ी सफलता… सिंगल खुराक वाली वैक्सीन को मिली आपात उपयोग की मंजूरी
Next Article The education of the children who lost their parents to Corona will continue uninterrupted कोरोना से पालक खोने वाले बच्चों की शिक्षा निर्बाध रहेगी जारी…. विधायक वोरा ने कहा- महतारी दुलार योजना से पीडि़त परिवारों को मिलेगी राहत
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?