भिलाई। पांच दिन कामकाज की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में सरकारी बैंक कर्मियों ने हड़ताल की। एक दिन की हड़ताल के कारण बैंकों का कामकाज चार दिन के लिए प्रभावित हो रहा है। दरअसल शुक्रवार को हड़ताल के कारण बैंक बंद रहे। इसके बाद माह का दूसरा शनिवार और उसके बाद रविवार की छुट्टी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और तीज के कारण छत्तीसगढ़ में सामान्य अवकाश है। इस प्रकार चार दिनों के लिए बैंकों का कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा। इस दौरान आम उपभोक्ताओं को बैंकिंग संबंधी कामकाज के लिए मंगलवार तक का इंतजार करना होगा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने शुक्रवारदेशव्यापी हड़ताल बुलाई है, जिससे बैंक का कामकाज प्रभावित हुआ। उनकी एक बड़ी मांग यह है कि बैंक हर शनिवार और रविवार को पूरी तरह से बंद रहे। यानी कि हफ्ते में सिर्फ 5 दिन ही वर्किंग हो। उनकी दूसरी मांग परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम की समीक्षा कर विसंगतियों को दूर करना और पहले तय किए गए पेंशन सुधारों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा से जुड़े प्रावधानों को तुरंत लागू करना है। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 28 से 30 सितंबर तक 3 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की जाएगी और 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में दिखा बैंकों की हड़ताल का असर
एक दिन की हड़ताल का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला। बैंकों की हड़ताल के बारे में आम लोगों को जानकारी नहीं थी जिसके कारण लोगों को दिक्कातों का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित दुर्ग भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, बस्तर, सरगुजा तक बैंकों की हड़ताल का असर दिखा। भिलाई में सिविक सेंटर इंदिरा प्लेस के पास सभी बैंक कर्मी जुटे और हड़ताल में शामिल हुए। इस दौरान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों ने बैंक कर्मियों को अपने अधिकारों से अवगत कराया और आने वाले दिनों में अपनी मांगों को लेकर होने वाले हड़ताल के लिए तैयार रहने कहा।
डिजिटल पेमेंट के ऑप्शन
हड़ताल के बीच डिजिटल सेवाएं पूरी तरह से चालू रही। ढ्ढरूक्कस्, हृश्वस्नञ्ज, क्रञ्जत्रस् और यूपीआई जैसे त्रक्कड्ड4, क्कद्धशठ्ठद्गक्कद्ग, क्कड्ड4ह्लद्व सेवाएं 24 घंटे पूरी तरह चालू हैं। इसके कारण आम लोगों की परेशानियां थोड़ी कम हुई। डिजिटल भुगतान का ऑप्शन लोगों के लिए फायदेमंद रहा। वहीं बैंकों में जाकर जो काम होना है वहह पूरी तरह प्रभावित रहा। अब देखना यह है कि सरकार बैंक कर्मियों की इन मांगों को मानती है या आने वाले दिनों में बड़ा हड़ताल देखने को मिल सकता है।



