सीसीटीवी फुटेज और आरपीएफ के समन्वय से मिली सुराग की कड़ी
भिलाई । दुर्ग जिले के थाना छावनी क्षेत्र से अचानक लापता हुए तीन नाबालिग स्कूली बच्चों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 6 घंटे के भीतर डोंगरगढ़ से सकुशल बरामद कर लिया है। तीनों बच्चे 10 सितंबर को रोजाना की तरह स्कूल के लिए घर से निकले थे, लेकिन स्कूल परिसर में प्रवेश करने के बजाय अपने दो अन्य सहपाठियों के साथ कहीं चले गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अंतर-जिला समन्वय की मदद से देर रात लगभग ढाई बजे बच्चों को डोंगरगढ़ मंदिर परिसर के पास से ढूंढ निकाला और परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के मुताबिक घटना 10 सितंबर 2026 की है, जब तीन दर्शन मंदिर के पास महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में अध्ययनरत एक नाबालिग छात्र के पिता ने रात करीब 8 बजे थाना छावनी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र सुबह 11 बजे स्कूल के लिए निकला था, लेकिन घर वापस नहीं लौटा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छावनी पुलिस ने तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साथ गए अन्य दो बच्चों के परिजनों से संपर्क कर उनके संबंध में भी आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण की गई।विशेष पुलिस टीम ने स्कूल से लेकर पावर हाउस रेलवे स्टेशन तक के लगभग 20 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सहपाठियों से पूछताछ और फुटेज के अवलोकन से बच्चों के रेलवे स्टेशन की ओर जाने और डोंगरगढ़ की तरफ निकलने का सुराग मिला। छावनी पुलिस ने बिना समय गंवाए डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन आरपीएफ एवं स्थानीय थाना पुलिस से संपर्क साधा और एक टीम डोंगरगढ़ रवाना की।
सुरक्षित वापसी के बाद परिजनों को सौंपा
डोंगरगढ़ में चलाए गए सघन तलाशी अभियान के बाद तड़के 2:30 बजे तीनों बच्चों को डोंगरगढ़ मंदिर के पास सुरक्षित खोज लिया गया। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने दुर्ग पुलिस की तत्परता की सराहना की।सफल कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे बच्चों के स्कूल आने-जाने के समय, उनके दोस्तों और गतिविधियों पर सतत नजर रखें। बच्चा समय पर घर न पहुंचे तो बिना देरी किए तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।



