नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में वोटों की जारी है। यूपी में भाजपा बड़े बहुमत की ओर है वहीं सपा काफी पीछे रह गई है। पंजाब में आम आदमी पार्टी को बड़ी बढ़त मिल गई है। वहीं हॉट सीट की बात करें तो फाजिलनगर सीट से स्वामी प्रसाद मौर्य और जहूराबाद से ओपी राजभर पीछे चल रहे हैं। वहीं गोरखपुर से सीएम योगी आदित्यनाथ और मथुरा सीट से श्रीकांत शर्मा आगे चल रहे हैं।

शुरुआती रुझान में यूपी और उत्तराखंड में भाजपा आगे है। उत्तर प्रदेश की 403, पंजाब की 117, उत्तराखंड की 70, गोवा की 40 और मणिपुर की 60 विधानसभा सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए थे। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सात चरणों में मतदान कराए गए।
पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में एक चरण में तो वहीं मणिपुर दो चरणों में मतदान संपन्न हुए। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां करीब 50 हॉट सीटें हैं। इसमें योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य समेत कई मंत्री शामिल हैं। पंजाब में एग्जिट पोल सही साबित हो रहे हैं और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और अकाली दल का काफी पीछे छोड़ दिया है। इस बार आम आदमी पार्टी भी पंजाब में मजबूती से चुनाव लड़ी है। उत्तराखंड में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे निकल गई है।
मुख्तार अंसारी के बेटे पीछे, स्वामी प्रसाद मौर्य को भी झटका
स्वामी प्रसाद मौर्य लगभग 15 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। यूपी में कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू 11 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। श्रीकांत शर्मा बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य पीछे चल रहे हैं। मुख्तार अंसारी के बेटे पीछे चल रहे हैं।
किसान आंदोलन नहीं था कोई फैक्टर?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को 42 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। लखीमपुर और हाथरस में सभी सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा बड़ी जीत की ओर है। उसे सिर्फ 8 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है।
टूटेगा नोएडा का मिथक
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मिथक हमेशा से चर्चा में रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी अगले चुनाव में चली जाती है। नोएडा से जुड़े इस अंधविश्वास का खौफ नेताओं में इतना अधिक रहा है कि अखिलेश यादव बतौर मुख्यमंत्री एक बार भी नोएडा नहीं आए। उनसे पहले मुलायम सिंह यादव, एनडी तिवारी, कल्याण सिंह, और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं ने भी नोएडा से दूरी बनाए रखी। 2007 से 2012 के बीच मायावती ने इस मिथक को तोडऩे की और दो बार नोएडा गईं। लेकिन 2012 में उनकी सरकार गिर जाने के बाद नोएडा का ये मिथक फिर चर्चा में आ गया। वहीं दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकाल के दौरान कई बार नोएडा गए। ऐसे में अब ये मिथक भी टूटता दिख रहा है।
हरीश रावत पीछे, धामी आगे
उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी आगे हो गए हैं। वहीं पूर्व मुख्मयमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत पीछे चल रहे हैं।
आम आदमी पार्टी 88 सीटों पर आगे
पंजाब में आम आदमी पार्टी 88 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस 15 सीटों पर ही आगे है। अकाली दल 9 और भाजपा चार सीटों पर आगे चल रही है।




