अजा विकास प्राधिकरण सदस्य रत्नावली कौशल ने किया छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक का उदघाटन
मुंगेली। राजीव युवा मितान क्लब और ग्राम पंचायत खेड़ा द्वारा ग्राम खेड़ा में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक का आयोजन किया गया। उदघाटन समारोह की मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छ्ग शासन सदस्य एवं महिला कांग्रेस कमेटी प्रदेश महासचिव रत्नावली कौशल थीं। अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजीत बनर्जी, जनपद सदस्य दुर्गा साहू,सरपंच भूपेंद्र शर्मा, उप सरपंच हरीश श्रीवास व राजीव युवा मितान क्लब के अध्यक्ष सूरज शर्मा थे।

आरंभ में गांव के पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं और युवाओं ने हिन्द सेना महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नावली कौशल का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। स्वागत सत्कार के बाद सुश्री कौशल ने अन्य अतिथियों के साथ छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में भाग ले रहे खिलाडियों से परिचय प्राप्त किया। कबड्डी खिलाडिय़ों में सुश्री कौशल से मिलने व हाथ मिलाने की होड़ सी नजर आई। समारोह को संबोधित करते हुए रत्नावली कौशल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं कमी नहीं है। राज्य के पारंपरिक खेलों के अलावा क्रिकेट, हॉकी, बास्केट बाल, फुटबाल, बॉलीबाल, डिस्क थ्रो जैसे अंतर राष्ट्रीय खेलों के भी हुनरमंद खिलाड़ी हमारे छत्तीसगढ़ में मौजूद हैं, लेकिन मौका और सही प्लेटफार्म न मिल पाने के कारण उनकी प्रतिभा गांवों में ही दम तोड़ती रही है।
अब ऐसा नहीं होगा हमारे युवा हृदय सम्राट और संवेदनशील मुख्यमंत्री ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ठोस पहल की है। उनके सदप्रयासों से पूरे छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक और अन्य खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने बनवाया है, जहां क्रिकेट के इंटरनेशनल मुकाबले होंगे, 20- 20 मैच आयोजित किए जाएंगे। सुश्री कौशल ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ के गांव कस्बों में भी मिनी स्टेडियम, खेल मैदान बनवाए हैं, युवाओं को खेल सामग्री के किट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं, राज्य के कई शहरों में क्रिकेट के प्रशिक्षण के लिए सेंटर बनाए गए हैं और वहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक नियुक्त किए गए हैं। अब हमारे छत्तीसगढ़ के युवा साथी भी सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, दिलीप वेंगसरकर की तरह क्रिकेट की दुनिया में अपना लोहा मनवाएंगे। खेलों के शहंशाह बनकर देश का नाम रौशन करेंगे।

रत्नावली कौशल ने कहा कि गांव की बहनें और छात्राएं भी घर की दहलीज से निकलकर अपनी पसंद के खेलों में भाग लें, अपना, परिवार का, गांव का और मुंगेली जिले का नाम रोशन करें। सुश्री कौशल ने कहा कि खेल हार जीत का दूसरा नाम है। हार से दुखी न हों और जीत के लिए बेहतर प्रयास करें। वहीं जीतने वाले खिलाड़ी जीत पर घमंड न कर कामयाबी के लिए प्रतिद्वंदी खिलाड़ी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाडियों को शुभकामनाएं देते हुए खेलों का विधिवत शुभारंभ किया।
परंपराओं के संरक्षण में जुटे हैं मुख्यमंत्री
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री रत्नावली कौशल ने अपने उद्बोधन के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को खेलों, खेती किसानी, लोक संस्कृति, परंपराओं, पर्व आदि का भी अच्छा ज्ञान है। इसीलिए वे छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति को संरक्षित करने प्रण प्राण से जुटे हुए हैं। छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक का आयोजन मुख्यमंत्री श्री बघेल की दूरगामी सोच का नतीजा है। सुश्री कौशल ने कहा कि पहले खो खो, कबड्डी, गेंड़ी दौड़, पि_ूल, भौरा बांटी, रस्साखींच आदि खेल छत्तीसगढ़ की पहचान थे। हरेली, पोला आदि त्यौहार के दौरान ये खेल गांव गांव में आयोजित किए जाते थे। समय बीतने के साथ नई पीढ़ी इन खेलों से दूर होती चली गई। आज स्थिति यह है कि ज्यादातर युवाओं को इनमें से कई खेलों के बारे में जानकारी ही नहीं होगी।
सुश्री कौशल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक खेलों को पुनर्जिवित करने के लिए छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक की शुरुआत की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लोक परंपराओं और तीज त्योहारों के संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए हैं। तीजा पर महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश की घोषणा की गई है, पर्व आयोजन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच द्वारिका श्रीवास, अध्यक्ष राजीव युवा मितान क्लब सूरज शर्मा, सचिव मुरित राम साहू, प्रधान पाठक उपेंद्र पांडे, सुरेश शर्मा, देवेंद्र पांडे, रोजगार सहायक भरत साहू, देवचरण साहू, बसंत साहू, जितेंद्र साहू, गोपाल यादव, भोलाराम साहू, विकास साहू, पुष्पेंद्र यादव, सरिता यादव, मधुसूदन पांडे, ईश्वर साहू, आनंद साहू, राजा साहू, सूरज श्रीवास, हेमराज, उमेश यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।




