भिलाई। नशे के खिलाफ दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में नेवई थाना क्षेत्र में शैलेष निर्मलकर, चिरंजीवी गौतम को अवैध प्रतिबंधित कैप्सूल बेचने व परमानंद यादव प्रतिबंधित कैप्शूल सप्लाई करते गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 21 (सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड जमानत पर छूटा हत्या का आरोपी है जिसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी थी।

इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि नशीली दवाओं का मुख्य सप्लायर परमांनंद यादव है। परमानंद को 2005 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। 2014 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा हुआ। इसके बाद मंदिर हसौद रायपुर में रहते हुए नशीली दवाई बेचने का काम कर रहा था। इस मामले में पहले इसकी गिरफ्तारी हो चुकी है और मामला कोर्ट में लंबित है। इधर एक बार फिर इसी अपराध में पकड़ा गया है। वहीं नशीली दवा बेचने वाला शैलेष निर्मलकर थाना नेवई का गुण्डा बदमाश है।
नेवई पुलिस ने इनके पास से SPASCORE VON PLUS TRAMADOL के 1776 कैप्सूल बरामद किया है। इसकी कीमत 15096 रुपए तथा बिक्री की रकम 4000 रुपए जब्त किया गया। उक्त कार्रवाई में नेवई थाना प्रभारी निरीक्षक ममता अली शर्मा, उप निरीक्षक धनीराम नारंगे, एएसआई गंगाराम यादव, सुरेन्द्र तारम प्रधान आरक्षक राजेश देवांगन, आरक्षक लक्ष्मीनारायण यादव, एवं ACCU DURG के निरीक्षक संतोष मिश्रा, एएसआई चन्द्रशेखर सोनी, प्रधान आरक्षक रूमन सोनवानी, चन्द्रशेखर बंजीर, आरक्षक राजकुमार, पंकज चतुर्वेदी, मेघराज चेलक, अश्वनी यदु, लोमेश टंडन, डिकेश सिन्हा, विक्रांत यदु का सराहनीय योगदान रहा।




