ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: वैज्ञानिक खेती से सफलता की राह: नैनो डीएपी अपनाकर मिठाईलाल बने प्रगतिशील किसान
Share
Notification Show More
Latest News
दुर्ग में साइबर ठगी व ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 63 FIR और 257 गिरफ्तारियां
September 17, 2026
रक्तदान मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम, जरूरतमंद का जीवन बचाने आगे आएं नागरिक:
सेवा संकल्प अभियान का आगाज, एक माह तक होंगे जनसेवा और जनभागीदारी के विविध आयोजन
September 17, 2026
प्रशासनिक अधिकारियों संग युवाओं ने पेश की मानवता की नजीर
‘सेवा संकल्प’ की अनूठी मिसाल, जिलेभर में उमड़ा स्वैच्छिक रक्तदान का जनसैलाब
September 17, 2026
नगर पालिका परिषद् जामुल में वार्डों का आरक्षण… जानिए वार्डवार आरक्षण की स्थिति
September 17, 2026
मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: सीएम साय
September 17, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

वैज्ञानिक खेती से सफलता की राह: नैनो डीएपी अपनाकर मिठाईलाल बने प्रगतिशील किसान

By Poonam Patel Published July 30, 2026
Share
आधुनिक कृषि तकनीक से गांव के किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत
आधुनिक कृषि तकनीक से गांव के किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत
SHARE

एमसीबी। जिले के ग्राम कछौड के प्रगतिशील किसान मिठाईलाल पिता इन्द्रदेव ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि खेती में बदलाव की शुरुआत नई सोच और सही मार्गदर्शन से होती है। इफको नैनो डीएपी के सफल उपयोग ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। अब कम लागत में बेहतर उत्पादन की उम्मीद ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी वे प्रेरणा बन गए हैं।

मिठाईलाल लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है। बीते कुछ वर्षों से रासायनिक उर्वरकों की बढ़ती कीमत और उत्पादन को लेकर बनी अनिश्चितता उनके सामने बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में कृषि विभाग एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड, शाखा मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से उन्हें इफको नैनो डीएपी के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। विभागीय अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यह आधुनिक उर्वरक कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराता है और फसल की गुणवत्ता तथा उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है।

विशेषज्ञों की सलाह पर मिठाईलाल ने अपनी फसल में नैनो डीएपी का प्रयोग किया। कुछ ही समय में खेतों में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे। फसल की बढ़वार पहले की तुलना में अधिक तेज हुई, पौधों में हरियाली बढ़ी और उनकी मजबूती भी स्पष्ट नजर आने लगी। इससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद मजबूत हुई और खेती के प्रति उनका विश्वास भी पहले से अधिक बढ़ गया।

नैनो डीएपी के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम हुआ। इससे खेती की लागत घटी और भविष्य में अधिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ी। मिठाईलाल का मानना है कि यदि किसान नई तकनीकों को अपनाने का साहस करें और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के अनुसार कार्य करें, तो खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।

वे बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें इस नई तकनीक पर भरोसा नहीं था, लेकिन प्रयोग के बाद मिले सकारात्मक परिणामों ने उनकी सोच बदल दी। अब वे अपने गांव और आसपास के किसानों को भी इफको नैनो डीएपी के उपयोग तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

मिठाईलाल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों तक पहुंचाई जा रही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सलाह का सही उपयोग खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। आज वे अपने क्षेत्र में एक प्रगतिशील किसान के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनकी प्रेरक कहानी यह संदेश देती है कि बदलते समय के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और खेती को अधिक समृद्ध, टिकाऊ एवं लाभकारी बना सकते हैं।

You Might Also Like

दुर्ग में साइबर ठगी व ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 63 FIR और 257 गिरफ्तारियां

सेवा संकल्प अभियान का आगाज, एक माह तक होंगे जनसेवा और जनभागीदारी के विविध आयोजन

‘सेवा संकल्प’ की अनूठी मिसाल, जिलेभर में उमड़ा स्वैच्छिक रक्तदान का जनसैलाब

नगर पालिका परिषद् जामुल में वार्डों का आरक्षण… जानिए वार्डवार आरक्षण की स्थिति

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: सीएम साय

Poonam Patel July 30, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article पुराने विवाद में युवक पर पाना पेंचिस से वार, चार दिन बाद मौत… जबलपुर से आरोपी गिरफ्तार
Next Article मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला, मिलेगा वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से प्रशिक्षण

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?