ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: श्रीराम कथा : चिन्मयानंद बापू ने बताया रामकथा का महत्व, कहा- संसार का सुख पाना है तो रामकथा के डूब जाओ
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

श्रीराम कथा : चिन्मयानंद बापू ने बताया रामकथा का महत्व, कहा- संसार का सुख पाना है तो रामकथा के डूब जाओ

By Mohan Rao
Published: December 16, 2022
Share
रामकथा में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल
SHARE

भिलाई। श्रीराम जन्मोत्सव समिति एवं जीवन आनंद फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित श्रीराम ज्ञान यज्ञ एवं श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के आज तीसरे दिन कथावाचक राष्ट्रीय संत श्री चिन्मयानंद बापू ने रामकथा के महत्व को बताया। उन्होंने रामकथा की की तूलना भगीरथ के नदी से करते हुए आयोजकों की सराहना की। बापू ने कहा कि भगीरथ के प्रयास से गंगा का जमीन पर आई लेकिन उस गंगा के लिए भक्तों को काशी, हरिद्वार व ऋषिकेश जाना होगा। रामकथा की गंगा भी भगीरथ प्रयास से आई है।

बापू ने आयोजकों विनोद सिंह व मनीष पाण्डेय की सराहना करते हुए उन्हें भी भगीरथ बताया। बापू ने कहा कि भाव होने से रामकथा का सुनने का सौभाग्य मिलता है। भिलाई शहर में रामकथा का सागर बह रहा है तो वह श्रीराम जन्मोत्सव समिति एवं जीवन आनंद फाउण्डेशन के कारण। आप लोगों को भिलाई में श्रीराम कथा के श्रवण का सुख मिल रहा है जो इनके कारण ही संभव हो पाया। शुक्रवार को कथा में आज अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम की पूजा अर्चना की, साथ ही कथावाचक चिन्मयानंद महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा रूपी प्याला पार लगाती है जीवन रूपी नैय्या
कथा वाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि शराबी तो रोज ही प्याला पीता है लेकिन वह तो एक रात में उतर जाती है। लेकिन जो व्यक्ति कथा रूपी प्याले को पीता है उसके जीवन की नैय्या पार लग जाती है। उन्होंने कहा कि श्रोता का मन समंदर जैसा होना चाहिए जो कभी भी नहीं भरना चाहिए। जिस तरह समंदर में कितनी ही नदियां समाहित हो जाएं लेकिन वह भरता नहीं, उसी प्रकार श्रोता को भी खुले मन से कथा का श्रवण करना चाहिए।

श्रीराम कथा से जुडऩा सुखी होने का एकमात्र तरीका
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि श्रीराम के साथ जुड़ जाना ही सुखी होने का एक मात्र तरीका है । भगवान के साथ जुड़ाव आपको सुख नहीं, अपवाद की अनुभूति कराता है । उन्होंने कहा कि भगवान की उपस्थिति का अहसास, चिंतन, सुमिरन हमारे शरीर के छिद्र कोषों में आनंद को खिला देता है । उन्होंने कहा कि एक राम का नाम ही है, जो बिखरे, टूटे और कटे भारत को एक कर सकता है । उन्होंने कहा कि जब इंसान अकेले सुख भोगता है तो उसे आनंद कहते है, लेकिन जब उस सुख में सभी भागीदार होते है तो वह महोत्सव बन जाता है ।

श्रीराम नाम से अमंगल भी  हो जाता है मंगल
चिन्मयानंद बापू ने कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम सुनने मात्र से अमंगल से बदलकर मंगल हो जाता है । उन्होंने श्रीराम जन्म से अयोध्यावासियों में उमडी खुशी का बड़े ही सुंदर शब्दों में बखान करते हुए कहा कि चंद्रमा ने जब भगवान से शिकायत के कि उसे प्रभु-दर्शन का सौभाग्य नहीं मिल रहा है तो भगवान ने चंद्र शब्द अपने नाम का आधार अर्थात ‘रामचंद्र’ दिया । श्रद्धालु-श्रोताओं को श्रीराम कथा की यात्रा कराते हूए चिन्मयानंद बापू ने महामुनि विश्वमित्र द्वारा मारीच-ताड़का जैसे राक्षसों के बध के लिए राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को मांगने वाले प्रसंग से गुजरते हूए अहिल्या-उद्धार की कथा का बड़े ही मार्मिक ढंग से वर्णन किया ।

श्रीराम जन्म की कथा का किया बखान
राम जन्मोत्सव की कथा को आगे बढ़ाते हुए चिन्मयानंद बापू ने कहा कि तुलसीदास ने रामचरितमानस को राम के राज्याभिषेक के बाद समाप्त कर दिया है। वहीं आदिकवि वाल्मीकि ने अपने रामायण में कथा को आगे श्रीराम के महाप्रयाण तक वर्णित किया है। कथा में संगीत के माध्यम से रामायण की चौपाइयों और भजनों का भक्तों ने आनंद लिया। चिन्मयानंद बापू ने बताया कि महाराजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ करने की ठानी। महाराज की आज्ञानुसार श्याम कर्ण घोड़ा चतुरंगिनी सेना के साथ छुड़वा दिया गया।

महाराज दशरथ ने समस्त मनस्वी, तपस्वी, विद्वान ऋषि-मुनियों तथा वेदविज्ञ प्रकांड पण्डितों को यज्ञ सम्पन्न कराने के लिये बुलावा भेज दिया। निश्चित समय आने पर समस्त अभ्यागतों के साथ महाराज दशरथ अपने गुरु वशिष्ठ तथा अपने परम मित्र अंग देश के अधिपति लोभपाद के जामाता ऋंग ऋषि को लेकर यज्ञ मंडप में पधारे। इस प्रकार महान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। संपूर्ण वातावरण वेदों की ऋचाओं के उच्च स्वर में पाठ से गूंजने तथा समिधा की सुगंध से महकने लगा। समस्त पंडितों, ब्राह्मणों, ऋषियों आदि को यथोचित धन-धान्य, गो आदि भेंटकर सादर विदा करने के साथ यज्ञ की समाप्ति हुई।

राजा दशरथ ने यज्ञ के प्रसाद खीर को महल में ले जाकर अपनी तीनों रानियों में वितरित कर दिया। प्रसाद ग्रहण करने के परिणामस्वरूप तीनों रानियों ने गर्भधारण किया। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महाराज की बड़ी रानी कौशल्या ने एक शिशु को जन्म दिया। इसके पश्चात महारानी कैकेयी के एक तथा तीसरी रानी सुमित्रा के दो तेजस्वी पुत्रों का जन्म हुआ। चारों पुत्रों का नामकरण संस्कार महर्षि वशिष्ठ ने किया। राजकुमारों के नाम रामचंद्र, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न रखे गए। आयोजन के चौथे दिन श्रीराम बाल चरित्र का प्रसंग सुनाया जाएगा।

बिग ब्रेकिंग: 27 नए कोरोना पॉजिटिव केस की पुष्टि, एम्स ने ट्विट कर दी जानकारी
दिल्ली के सीएम का फैसला कल, विधायक दल की बैठक में नाम पर लगेगी मुहर
एसबीआई ने दिया झटका: देश के सबसे बड़े बैंक ने महंगा किया होम लोन, जानिए कितनी हुई ब्याज दर
औचक निरीक्षण पर निकले संभागायुक्त सरकारी ऑफिसों का हाल देखकर रह गए हैरान, एक साथ 22 कर्मचारी मिले अनुपस्थित
अवैध प्लाटिंग के मामले पर करें सख्त कार्रवाई, नियमित रूप से करें समीक्षा और दोषियों पर हो कार्रवाई
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छत्तीसगढ़ में कलेक्टर के फर्जी साइन से ठगों ने बांट दिया दस से ज्यादा गांवों में वन अधिकार पट्टा, भोलभाले ग्रामीणों से रिश्वत भी ले ली छत्तीसगढ़ में कलेक्टर के फर्जी साइन से ठगों ने बांट दिया 10 से ज्यादा गांवों में वन अधिकार पट्टा, भोले-भाले ग्रामीणों से रिश्वत भी ले ली
Next Article Exclusive : क्रेडा के सदस्य विजय साहू से सीधी बात, सरकार के चार वर्षों को बताया गौरवपूर्ण… मुख्यमंत्री भूपेश ने बढ़ाया प्रदेश का मान

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?