दुर्ग। भारत सरकार की सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई श्रेष्ठता योजना के तहत देशभर में ली गई परीक्षा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मांध्यम जेआरडी विद्यालय दुर्ग की छात्रा संजना बांधे ने भारत में पांचवा रैंक हासिल किया है। संजना की इस उपलब्धि से दुर्ग जिला गौरवान्वित हुआ है।
भारत सरकार की सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई श्रेष्ठता शुरू की है। इसे लक्षित क्षेत्र में हाई स्कूल के छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना के रूप में जाना जाता है। इसका उद्देश्य है शिक्षा क्षेत्र में सेवा से वंचित अनुसूचित जातियों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में अंतर को पाटने के लिए प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करना ताकि भविष्य में वह अवसरों का लाभ उठा सके। परीक्षा में उत्तीर्ण बच्चों को भारत के सीबीएसई से संबद्ध सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा नवमी एवं 11वीं में सीधे प्रवेश दिया जाता है। इसमें प्रवेश हेतु राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी NTA के माध्यम से परीक्षा ली जाती है इस वर्ष पूरे देश में 3000 छात्रों के लिए कक्षा नवमी एवं 11वीं में प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है।
संजना की शिक्षिका उषा शर्मा ने बताया कि इस परीक्षा में प्रारंभिक तौर पर उन्होंने शाला के दो छात्राओं कुमारी संजना बांधे एवं ऐश्वर्या कोसले को प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन भरवाया था। उन्हें परीक्षा केंद्र ज्ञान गंगा स्कूल रायपुर में परीक्षा हेतु सम्मिलित किया गया जिसमे संजना ने 5 वाँ तथा निकिता ने 1565 वां रैंक हासिल किया है। उन्होंने बताया कि वाराणसी के अजय सर से उन्हें नियमित रूप से अभ्यास के लिए गत वर्ष के प्रश्नों को उपलब्ध कराया। उन्ही प्रश्नों का अभ्यास करते हुए उनके द्वारा बच्चों का स्पीड टेस्ट लिया जाता था ताकि बच्चों में जल्द से जल्द प्रश्नों को हल करने की क्षमता विकसित हो। सामान्य ज्ञान एवम् करंट अफेयर के प्रश्नों के लिए उन्होंने नेट की मदद ली है। इस वर्ष उनके द्वारा ग्यारहवीं के 10 तथा नवमी के 10 बच्चों को इस प्रतियोगी प्रतीक्षा में सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पोल्ट्री फॉर्म में मजदूरी करते हैं माता-पिता
संजना के पिता सुखसागर बांधे व माता सुषमा बांधे पिसेगांव के एक पोल्ट्री फार्म में मजदूरी करते है। संजना की बड़ी बहन निकिता बांधे कक्षा बारहवीं में अध्ययनरत है। संजना ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मार्गदर्शिका शिक्षक उषा शर्मा को देते हुए बताया कि गणित,विज्ञान,सामाजिक विज्ञान सामान्य ज्ञान एवम् करंट अफेयर के प्रश्नों का अध्ययन उनके द्वारा टैबलेट के माध्यम से नियमित रूप से 6 घंटा किया जाता रहा है।इसके लिए उन्होंने समग्र शिक्षा दुर्ग का भी आभार व्यक्त किया जिनके द्वारा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता रायपुर में उसे टैबलेट पुरस्कार के रूप में प्रदान किया गया था।
बच्चों की इस उपलब्धि के लिए जिले के कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल,राज्य कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के सहायक संचालक डॉ एम सुधीश ,सहायक संचालक डॉ बी रघु,स्वामी आत्मानंद जे आर डी उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय दुर्ग की प्राचार्य संगीता नायर, एडीपीओ जे मनोहरन, डीएमसी सुरेंद्र पांडेय, एपीसी विवेक शर्मा विकासखंड शिक्षा अधिकारी गोविंद साव,शाला परिवार के आर के दुबे, अनिल गौतम,श्री सतीश जोशी तथा कृतार्थ दुबे आदि ने बधाई दी है।




