ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: चिरायु योजना से लौटी बस्तर की मासूम परिक्रमा की दुनिया में आवाज
Share
Notification Show More
Latest News
​हाइवे पर टकराई दो बाइक, डायल 112 ने दिखाई तत्परता, घायलों कों पहुंचाया अस्पताल
September 26, 2026
धमतरी के सिरसिदा में उफान के बीच फंसा मारुति धाम का पुजारी, SDRF ने किया रेस्क्यू
September 26, 2026
मासूम का लैंगिक शोषण करने वाले आरोपी को दुर्ग कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा
September 26, 2026
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, स्टार खिलाड़ी संजू देवी को फोन कर सीएम साय ने दी बधाई
September 26, 2026
आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता
September 26, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
BasterBreaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedHealth

चिरायु योजना से लौटी बस्तर की मासूम परिक्रमा की दुनिया में आवाज

By Poonam Patel Published September 26, 2026
Share
5 वर्षीय बच्ची अब सुन सकती है और जाने लगी है स्कूल’
5 वर्षीय बच्ची अब सुन सकती है और जाने लगी है स्कूल’
SHARE

रायपुर। बस्तर जिले के एक साधारण परिवार की नन्ही बेटी परिक्रमा साहू के जीवन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की ‘चिरायु’ टीम और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साझा प्रयासों से एक नई सवेरा आया है। जन्म से ही सुनने और बोलने की क्षमता से वंचित परिक्रमा अब न केवल हर ध्वनि को सुन और पहचान पा रही है, बल्कि एक सामान्य बच्चे की तरह खुशहाल जीवन जीते हुए स्कूल भी जाने लगी है।

यह सुखद और प्रेरणादायक बदलाव जगदलपुर के अघनपुर निवासी अनूप साहू के परिवार में देखने को मिला है। जब परिक्रमा मात्र तीन वर्ष की थी, तब चिरायु टीम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के सिलसिले में स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र पहुँची थी। वहाँ टीम के सदस्यों ने देखा कि एक मासूम बच्ची एक कोने में बिल्कुल शांत और अपने आप में खोई बैठी है। बातचीत करने की कोशिश पर जब बच्ची की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से इस संबंध में पूछताछ की गई। कार्यकर्ता ने जानकारी दी कि यह बच्ची जन्म से ही न तो कुछ सुन पाती है और न ही बोल पाती है।

इसके बाद तत्काल बच्ची के माता-पिता को बुलाया गया। बातचीत के दौरान परिजनों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि बच्ची जन्मजात बधिरता से ग्रसित है और वे इसे अपनी नियति मानकर उसके दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास कर रहे थे। चिरायु टीम ने माता-पिता को ढांढस बंधाया और समझाया कि आधुनिक चिकित्सा और सर्जरी के जरिए इस जन्मजात समस्या का पूरी तरह समाधान संभव है तथा ऑपरेशन के बाद बच्ची सामान्य बच्चों की तरह सुन सकेगी।

परिजनों की सहमति के बाद बच्ची को तुरंत महारानी जिला अस्पताल जगदलपुर स्थित जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई लाया गया। यहाँ बच्ची की आवश्यक ‘बेरा’ जांच की गई और विशेषज्ञ उपचार के लिए उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर रेफर किया गया। एम्स के चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी की सलाह दी, परंतु सर्जरी से पूर्व लगभग एक वर्ष तक अनिवार्य ऑडियो थेरेपी आवश्यक थी, जिसे जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई जगदलपुर के माध्यम से पूरी निष्ठा के साथ संपन्न कराया गया।

आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद 1 अप्रैल 2024 को एम्स रायपुर में बच्ची का सफल कॉकलियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के उपरांत बच्ची के जीवन में आवाजों का नया संसार खुल गया और वह सुनने में सक्षम हो गई। वर्तमान में 5 वर्ष की हो चुकी परिक्रमा को जिला शीघ्र हस्तक्षेप इकाई के माध्यम से नियमित स्पीच थेरेपी दी जा रही है। अब वह पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही है और स्कूल जाना भी शुरू कर दिया है, जिससे उसके माता-पिता और अन्य परिजनों में खुशी का माहौल है।

You Might Also Like

​हाइवे पर टकराई दो बाइक, डायल 112 ने दिखाई तत्परता, घायलों कों पहुंचाया अस्पताल

धमतरी के सिरसिदा में उफान के बीच फंसा मारुति धाम का पुजारी, SDRF ने किया रेस्क्यू

मासूम का लैंगिक शोषण करने वाले आरोपी को दुर्ग कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, स्टार खिलाड़ी संजू देवी को फोन कर सीएम साय ने दी बधाई

आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, पहले दिन 97 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

Poonam Patel September 26, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article ’सेवा की कहानी’ सेवा से समृद्धि की ओर बढ़ता कोरियाः मत्स्य पालन से 25 सदस्यों को मिला आत्मनिर्भरता का संबल
Next Article एशियन गेम्स : भारत को एक दिन में जीते कबड्डी के दो गोल्ड, महिला और पुरुष टीमों ने फाइनल में ईरान को हराया

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?