ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: राजनीति, सेवा और नेतृत्व की अमर विरासत को प्रदर्शित करते भारत के प्रमुख सिख नेता– डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNationalPolitics

राजनीति, सेवा और नेतृत्व की अमर विरासत को प्रदर्शित करते भारत के प्रमुख सिख नेता– डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

By Om Prakash Verma
Published: February 11, 2026
Share
राजनीति, सेवा और नेतृत्व की अमर विरासत को प्रदर्शित करते भारत के प्रमुख सिख नेता– डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
राजनीति, सेवा और नेतृत्व की अमर विरासत को प्रदर्शित करते भारत के प्रमुख सिख नेता– डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
SHARE

भारतीय लोकतंत्र की नींव उसकी अद्भुत विविधता और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की भावना में निहित है। इसमें सिख समुदाय का योगदान अत्यंत गौरवशाली और प्रेरणादायक रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज के आधुनिक भारत के निर्माण तक, सिख नेताओं ने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सेवा और राष्ट्रीय सुरक्षा के हर मोर्चे पर अद्वितीय पराक्रम दिखाया है। उनकी पहचान सिख धर्म के मूल मंत्र ‘किरत करो’ (मेहनत), ‘वंड छको’ (बाँटो) और ‘नाम जपो’ (ईश्वर का स्मरण) को अपने कार्यों में उतारने के कारण बनी। इस लेख के माध्यम से मैं भारतीय राजनीति के इतिहास में शामिल रहे ऐसे ही कुछ नेताओं का जिक्र करने जा रहा हूँ, जिनके बगैर भारतीय राजनीतिक पटकथा अधूरी है।

डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारत के आर्थिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने का उनका सफर हर युवा के लिए एक सपने जैसा है। वर्ष 1991 में जब देश भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तब वित्त मंत्री के रूप में डॉ. सिंह ने साहसिक आर्थिक सुधारों की नींव रखी। उन्होंने लाइसेंस राज को समाप्त कर, अर्थव्यवस्था को खोला और भारत को वैश्विक बाजार से जोड़ा। उनकी इस नीति ने देश में उद्यमिता की एक नई लहर पैदा की और भारत को दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया। सन 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनके दो कार्यकालों में देश ने तीव्र आर्थिक विकास देखा। उनका शांत, विद्वतापूर्ण और ईमानदार व्यक्तित्व राजनीति में एक अलग ही मिसाल कायम करता है। उन्होंने ‘चुप्पी’ को अपनी ताकत बनाया और सिद्ध किया कि कर्म ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान है।

ज्ञानी ज़ैल सिंह का नाम भारतीय गणतंत्र के इतिहास में एक ऐसे राष्ट्रपति के तौर पर दर्ज है, जिन्होंने सादगी और जनसंपर्क से इस उच्च पद को आम जनता के और नजदीक ला दिया। पंजाब के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है। राष्ट्रपति बनने से पहले वह पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके थे। उनके कार्यकाल में ही ऑपरेशन ब्लू स्टार और सिख विरोधी दंगे जैसे दुखद घटनाएँ घटीं, किंतु उन्होंने पूरी निष्ठा और संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाई।

पंजाब की राजनीति में प्रकाश सिंह बादल का नाम एक युग का प्रतीक है। शिरोमणि अकाली दल से जुड़े बादल साहब पाँच बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने, जो एक रिकॉर्ड है। उनका कार्यकाल पंजाब के विकास, खासकर कृषि, सिंचाई और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए जाना जाता है। वह एक ऐसे नेता थे जिनकी जड़ें जमीन से गहराई से जुड़ी थीं। उनकी सादगी और अनुभव ने न केवल पंजाब बल्कि केंद्र की राजनीति में भी उन्हें एक सम्मानजनक स्थान दिलाया। राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन सरकारों के दौर में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने हमेशा पंजाब और पंजाबियत के हितों को सर्वोपरि रखा और क्षेत्रीय राजनीति में एक मजबूत विरासत छोड़ी।
बूटा सिंह एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने बिहार की राजनीति में सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वह केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों, जैसे कि गृह मंत्रालय और कृषि मंत्रालय, की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा में समाज के पिछड़े और दलित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए प्रयास विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। एक सिख नेता के रूप में बिहार जैसे राज्य में उनकी सफलता भारत की सांस्कृतिक एकता और धर्मनिरपेक्षता का एक जीवंत उदाहरण है। उन्होंने साबित किया कि सेवा और समर्पण की भावना किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती।

सुरजीत सिंह बरनाला पंजाब की राजनीति के एक और स्तंभ थे। वह शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री रहे। उनके शासनकाल को राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के लिए याद किया जाता है। एक मजबूत संगठनकर्ता और दूरदर्शी नेता के रूप में उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनका व्यक्तित्व सीधेपन और दृढ़ता के लिए जाना जाता था। पंजाब के एक जिम्मेदार प्रशासक के रूप में उनकी छवि आज भी कायम है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति में एक ऐसा नाम हैं जो परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हैं। पटियाला के पूर्व शाही परिवार से आने के बावजूद उनकी छवि एक आम किसान के नेता की रही है। भारतीय सेना में अपनी सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने। उनके नेतृत्व में पंजाब ने कृषि सुधारों और बुनियादी ढाँचे के विकास में उल्लेखनीय प्रगति की।

हरदीप सिंह पुरी एक कुशल राजनयिक और प्रशासक से सफल राजनीतिज्ञ बने हैं। भारतीय विदेश सेवा में अपने लंबे और समृद्ध कार्यकाल के बाद, उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। आवासन और शहरी मामलों के मंत्री के रूप में उनकी भूमिका देश में शहरी बुनियादी ढाँचे के विकास, विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यान्वयन में अहम रही है। उनका काम अनुशासन, पारदर्शिता और निष्पादन क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

नवजोत सिंह सिद्धू एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने क्रिकेट के मैदान से निकलकर राजनीति के मैदान में बराबर धूम मचाई। एक आक्रामक बल्लेबाज से लेकर एक जोशीले राजनेता तक के उनके सफर ने उन्हें जनता के बीच अत्यधिक लोकप्रिय बना दिया। वह भाजपा और बाद में कांग्रेस में रहकर पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे। उनकी पंचलाइनें और सार्वजनिक मंचों पर उनका अंदाज उनकी विशिष्ट पहचान है।

इन नेताओं की जीवन यात्रा और उनके योगदान से स्पष्ट है कि सिख समुदाय ने भारतीय लोकतंत्र को न केवल संख्या बल से, बल्कि गुणवत्तापूर्ण नेतृत्व से समृद्ध किया है। ये नेता अलग-अलग विचारधाराओं, अलग-अलग क्षेत्रों और अलग-अलग पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन इन सबमें एक सूत्र देशभक्ति, सेवाभाव और ईमानदारी समान मात्रा में है। इनकी विरासत हमें याद दिलाती है कि सच्चा नेतृत्व धर्म, जाति या क्षेत्र से ऊपर उठकर मानवता और राष्ट्र की सेवा में निहित है।

कोरोना अपडेट: भारत में बीते 24 घंटे में मिले कोरोना के 38 हजार नए केस…. 478 लोगों की हुई मौत
नाक से दिया जाएगा कोवैक्सीन का बूस्टर शॉट, दूसरी डोज के 6 महीने के बाद होगी जरूरी
युवा देश के भविष्य, उनके हाथों में देश की उन्नति की बागडोर : सुश्री उइके
कोरोना का कहर: अब तक रिकार्ड बे्रक…. पिछले 24 घंटे में मिले 2.61 लाख से ज्यादा नए मरीज….. सक्रिय मामले 18 लाख के पार
UPSC-PSC एग्जाम की तैयारी के नाम पर छात्रों से लाखों की ठगी, रायपुर के कौटिल्य एकेडमी का संचालक पत्नी सहित फरार
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article कश्मीर से कन्याकुमारी तक लाल चौक पर ऐतिहासिक भगवा ध्वज के साथ 'शतक' ध्वज यात्रा की सफल शुरुआत कश्मीर से कन्याकुमारी तक लाल चौक पर ऐतिहासिक भगवा ध्वज के साथ ‘शतक’ ध्वज यात्रा की सफल शुरुआत
Next Article shreekanchanpath 120 # 11 February 2026

Ro.-13624/52

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?