नईदिल्ली ए.। देश के सीनियर सिटीजन्स के लिए केन्द्र सरकार ने सुविधाओं का पिटारा खोला है। एक दिसंबर यानी आज से सीनियर सिटीजन्स को आठ अलग अलग तरह की सुविधाए मिलने जा रही है। ये सुविधाएं स्वास्थ्य, यात्रा, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं। इसके लिए सरकार ‘सीनियर सिटीजन कार्ड 2025’ जारी करेगी। जिसके माध्यम से सभी लाभ चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। इन सुविधाओं से वरिष्ठ नागरिकों को न सिर्फ राहत मिलेगी बल्कि उनकी लाइफ स्टाइल में बदलाव होगा।
दरअसल केन्द्र सरकार आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाते हुए 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र नागरिकों को 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज देने का प्रावधान किया है। दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट्स भी तैनात की जाएंगी। एक दिसंबर से वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा में भी बड़ी राहत मिलेगी। रेल, बस और हवाई यात्रा में 30% से 50% तक छूट दी जाएगी। धार्मिक और तीर्थ यात्राओं के लिए विशेष सहायता दी जाएगी। पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपये, बचत योजनाओं पर ज्यादा ब्याज मिलेगी। सरकार ने वरिष्ठ नागरिक पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपए मासिक कर दी है। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरें भी बढ़ाई गई हैं, जिससे आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
सीनियर सिटीजन कार्ड बनेगा प्राथमिक पहचान दस्तावेज
केन्द्र सरकार वरिष्ट नागरिकों को सुविधा देने सीनियर सिटीजन कार्ड जारी कर रही है। आयुष्मान कार्ड की तरह इस कार्ड को भी जारी किया जाएगा। यह कार्ड सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, बैंकों, रेलवे स्टेशनों और अन्य जगहों पर पहचान और प्राथमिकता सेवा के लिए अहम दस्तावेज होगा। सरकार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। सभी राज्यों को कार्ड वितरण और नई सेवाओं को शुरू करने के निर्देश भेज दिए गए हैं। 1 दिसंबर से सीनियर सिटीजन के लिए चरणबद्ध तरीके से यह सुविधाएं लागू की जाएंगी।
बैंकों में अलग काउंटर बनाने के निर्देश
केन्द्र सरकार ने सभी बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर स्थापित करें। साथ ही कर्मचारियों को वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता सेवा देने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर जिले में कानूनी सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां संपत्ति विवाद, पेंशन से जुड़े मुद्दों और वित्तीय धोखाधड़ी पर मुफ्त सलाह मिलेगी। इसके अलावा बुजुर्गों के खिलाफ अपराध, उपेक्षा और हिंसा रोकने के लिए सरकार ने विशेष संरक्षण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह कदम वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। ग्रामीण बुजुर्गों को लंबी दूरी तय किए बिना डॉक्टरों की सुविधा मिलेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट और टेलीमेडिसिन सेवा गांवों में उपलब्ध कराई जाएगी।




