भिलाई। शहर में एक शख्स से लगभग दो माह पहले केएफसी की फ्रेंचायजी देने के नाम पर ठगी हुई। शिकायत के बाद सुपेला पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। सुपेला पुलिस ने इस केस में जल्द ही सफलता पाई। दुर्ग पुलिस की साइबर टीम की मेहनत के बाद पुलिस ने इस मामले में बिहार से दो ठगों को गिरफ्तार किया। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर दुर्ग लेकर आई। इसके बाद जो जानकारी सामने आई उसने दुर्ग पुलिस को भी हैरान कर दिया है। शातिरों भिलाई के अलावा 17 राज्यों में ठगी के इस खेल को अंजाम दिया। दुर्ग एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने शुक्रवार को इस केस का खुलासा किया।

बता दें इस संबंध में तालपुरी निवासी राजेश तिवारी ने सुपेला थाने पहुंचकर अभिषेक मित्तल एवं राहुल कपूर नाम के व्यक्तियों पर केएफसी की फ्रेंचायजी दिलाने के नाम पर 9 लाख 30 हजार 500 जमा करवाए। इन लोगों ने केएफसी के वेबसाइट के माध्यम से यह पूरा खेल किया। इसके बाद राजेश तिवारी को न तो फ्रेंचायजी मिली और न ही रुपए वापस हुए। इसके बाद पता चला कि जिस वेबसाइट के जरिए उसने पैसे दिए थे वह तो फर्जी था। प्रार्थी की शिकायत के बाद सुपेला पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान टीम द्वारा प्रार्थी राजेश तिवारी से संपर्क कर घटना में इस्तेमाल मोबाइल नम्बर, ई-मेल आईडी बैंक एकाउण्ट, वेबसाईट के संबंध में जानकारी ली गई। मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर, बैंक, वेबसाईट होस्टिंग नोडल एवं गुगल नोडल से तकनीकी आधार पर विस्तृत जानकारी लेने के बाद पता चला कि मोबाइल का लोकेशन नवादा बिहार के आस-पास का है। घटना में प्रयुक्त बैंक खाता का पता पटना बिहार का होना पाया गया। इसके आधार पर एक विशेष टीम नवादा बिहार के लिये रवाना किया गया।

टीम द्वारा नवादा बिहार पहुंचकर मोबाइल नंबर धारकों की तलाश शुरू की गई। लगभग 10 दिन की मेहनत के बाद आरोपियों की पहचान ग्राम भवानी बीघा नवादा निवासी रामप्रवेश प्रसाद एवं उसके दो पुत्र सूरज कुमार एवं सुभाष कुमार के रूप में हुई। इसके बाद दोनों पर निगरानी शुरू की गई। स्थानीय लोगों से पता चला कि वे अपने गांव से बाहर कम ही आते हैं। पुलिस को यह भी पता चला कि भवानी बीघा गांव साइबर ठगी का अड्डा है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम सब्जीवाला, फेरीवाला व चाय दुकान वाला बनकर रेकी कर रही थी
इसके बाद दुर्ग पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। जिसमें आरोपी रामप्रवेश प्रसाद को पकड़ने में सफलता प्राप्त हुयी। पुलिस की भनक पाकर आरोपी सूरज कुमार एवं सुभाष कुमार भाग गए। जिनपरप एक टीम नजर रख रही थी। इस बीच सूरज कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटाप, विभिन्न बैंकों के एटीएम सहित 4,67,150 रुपए जब्त कियाय गया।

250 फर्जी वेबसाइट से करते थे धोखाधड़ी
गिरफ्तार आरोपियों रामप्रवेश प्रसाद एवं सूरज कुमार से पूछताछ करने पर पता चला कि इन लोगों इंडियन ऑईल, जॉकि, क्वीक कार फाईनेन्स, वॉव मोमो, मैक्डोलाल्डस, डेमेनोस, केएफसी, हल्दीराम, पतांजली, चाय सूट्टा बार, अपोलो टायर, ओकिनावा, बजाज, किया मोटर्स, एमजी हेक्टर, जेकेटायर, एथर बाईक डिलर, पवन हंस, हीरो इलेक्ट्रीक, ऐमो, जैसे 250 से वेबसाइट की होस्टिंग ले रखी थी। आरोपी Godaddy, Hostinger, Hostgator, bluehost, A2Hosting Namecheap, Networksolution, Bigrock, Cloudflare से 01 वर्ष के लिए डोमेन खरीदते थे। जिसमें कॉपी किये गये वेब पेज को एडिट कर अपना मोबाइल नंबर व डिटेल अपलोड कर देता था। जो कि गूगल के पेज पर लोगो द्वारा सर्च किये जाने से प्रदर्शित होती थी।
फ्रेंचायजी के लिए लोगों के द्वारा ऑन लाईन वेबसाईट पर कॉन्टेक्ट करने पर सीधे इनसे संपर्क हो जाता था। जिसे मेल एवं चैटिंग के माध्यम से झांसा देकर द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक खातों में अलग-अलग प्रोसेस के नाम पर रकम जमा कराकर धोखाधड़ी की जा रही थी। आरोपी ने भिलाई की नहीं बल्कि 17 राज्यों में ठगी की है। इसकी डिटेल भी दुर्ग पुलिस ने दी है। आरोपियों ने अलग अलग राज्यों से 5 करोड़ से ज्यादा की ठगी की। शातिर ठगों को गिरफ्तार करने में एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट से एएसआई शमित मिश्रा, प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर बंजीर, आरक्षक पंकज चतुर्वेदी, जुगनू सिंह, अभय सिंह, जावेद हुसैन, विजय शुक्ला, निखि सिंह, दिनेश सिंह, विक्रांत यदु, थाना सुपेला से उनि तेजराम कंवर, आरक्षक अभय सिंह एवं नगर (छावनी) सिविल टीम से आरक्षक विवेक पोद्दार, रत्नेश शुक्ला थाना पुरानी भिलाई से एएसआई गोरख आर.सुभाष जाटव, थाना भिलाई भट्टी से प्रधान आरक्षक पुरूषोत्तम साहू आरक्षक हिरेश साहू का सराहनीय योगदान रहा।




