रायपुर। महानदी भवन में शुक्रवार को मुख्य सचिव रेणु पिल्ले की अध्यक्षता में शासन के समस्त विभागो के सचिव की राज्य एड्स परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले ने समस्त विभागों को निर्देश दिया कि एचआईवी संक्रमितो के साथ भेदभाव न करते हुए उन्हे रोजगार के समुचित अवसर दिए जाने चाहिए। साथ ही राज्य में प्रत्येक गर्भवती महिला की एचआईवी जांच की जानी चाहिए।
बैठक के दौरान सचिव स्वास्थ्य आर प्रसन्ना ने बताया कि राज्य में लगभग 40 हजार संभावित एचआईवी संक्रमित है जिनमें से लगभग 25 हजार संक्रमितो की पहचान कर उन्हे निःशुल्क उपचार प्रदान किया जा रहा है। एचआईवी संक्रमितों को मुख्यधारा से जोड़ने एवं उनके प्रति भेदभाव को कम करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु अन्य विभाग के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आगामी वित्तिय वर्ष से उप-स्वास्थ्य केन्द्र तक एचआईवी जांच की सुविधा प्रदाय की जाएगी।
मिशन संचालक कौशल विकास अवनीश शरण ने बताया कि उनके विभाग द्वारा एचआईवी संक्रमितो हेतु विशेष बैच का संचालन कर उन्हे प्रशिक्षण प्रदाय किया जाएगा। उप-सचिव श्रम अनुराग पांडेय ने श्रम विभाग द्वारा जारी विभिन्न योजनाओ का लाभ दिलाने के संबंध में चर्चा की गई। इस मौके पर संचालक, स्वास्थ्य सेवायें सह परियोजना संचालक भीम सिंह ने बताया कि राज्य में एचआईवी जांच बढाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अन्य विभागो के प्रशिक्षण कार्यक्रम में एचआईवी विषय को शामिल करते हुए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा राज्य के औद्योगिक जिलो में व्यापक स्तर पर जांच कर संक्रमितो की पहचान कर उन्हे निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा।बैठक में स्कूल शिक्षा, गृह, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, रेड क्रास सहित राज्य एड्स नियंत्रण के अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ खेमराज सोनवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।





