भिलाई। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत ग्राम बोरीगारका में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रामकथा कार्यक्रम में राष्ट्रीय कथावाचक युवराज पांडे ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी। ग्रामीणों को ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।
कथा स्थल पर दुर्ग पुलिस की टीम द्वारा बताया गया कि साइबर अपराधी विभिन्न माध्यमों से लोगों को झांसे में लेकर बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से आर्थिक ठगी करते हैं। उन्होंने नागरिकों से ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की। साथ ही साइबर ठगी की घटना होने पर बिना विलंब साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
सायबर अपराधी का अपराध करने का तरीका
साइबर अपराधियों द्वारा फोन कॉल, संदेश, अनजान लिंक एवं अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए नागरिकों को भ्रमित कर गोपनीय बैंकिंग जानकारी प्राप्त की जाती है और आर्थिक ठगी की जाती है। कार्यक्रम में नागरिकों को ऐसे प्रयासों से सतर्क रहने की जानकारी दी गई। साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में थाना उतई पुलिस द्वारा आवश्यक समन्वय एवं सहयोग प्रदान किया गया। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। अनजान कॉल, अनजान लिंक एवं अनजान व्यक्तियों से सावधान रहें। ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।



