दुर्ग। किडनी फेल होने से डायलिसिस करा रहे पुत्र को किडनी देने को तैयार मां सोमवार को कलेक्टर के पास प्रशासन से मदद की गुहार लेकर पहुंची। महिला ने कलेक्टर को आवेदन देते हुए कहा कि वह अपने बेटे को किडनी देना चाहती है लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके लिए प्रशासन से मदद मांगी है कलेक्टर ने संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंची मां ने बताया कि उसके बेटे की किडनी फेल हो चुकी है जिसका उपचार 2020 से जिले के स्थानीय चिकित्सालयों में चल रहा है। डॉक्टर ने बताया कि बेटे के सफल ईलाज के लिए किडनी ट्रांसप्लांट करनी पड़ेगी। आवेदिका ने बताया कि वह अपनी किडनी देने के लिए तैयार है। उसने बताया कि पुत्र का इलाज स्पर्श हॉस्पिटल में चल रहा है। उनके पति का देहांत हो चुका है। आर्थिक रूप से सक्षम् न होते हुए भी रिश्तेदारों से मदद लेकर 02 वर्ष से पुत्र का डायलिसिस करा रही है।
बेटे की जिंदगी बचाने के लिए किडनी ट्रांसफर कराने की आवश्यकता है, डोनर के रूप में मां स्वयं तैयार है। लेकिन आर्थिक स्थिति मां और पुत्र के रिश्ते के बीच का रोड़ा बन रही है। मदद के लिए उसकी निगाहें शासन और प्रशासन पर टिकी हुई हैं। अपने पुत्र के संपूर्ण दस्तावेजों के साथ वो जनदर्शन पहुंची थी। कलेक्टर ने वस्तु स्थिति का संज्ञान लिया और आवेदिका को यथा संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने त्वरित रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवेदन प्रेषित किया और शासन द्वारा चल रही योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना से आवेदक को लाभ मिल सके इसके लिए संबंधित अधिकारी को आवेदक को त्वरित मदद के लिए निर्देशित किया।
लोन के नाम पर धोखाधड़ी का मामला
आज के जनदर्शन में लोन को लेकर धोखाधड़ी का मामला भी पहुंचा था। जिसमें आवेदक द्वारा लाखों की धोखाधड़ी की शिकायत की गई थी। आवेदक किसान का कथन था कि जिला बेमेतरा में काम करने वाले एजेंट द्वारा 12 लाख गबन किया गया है। आवेदक ग्राम ढेकापुर खम्हरिया का रहने वाला है। आवेदक का कहना है कि एजेंट बहुत सारे किसानों को लोन दिलाने का कार्य करता था। जिसके प्रलोभन में आकर मैने भी उसके द्वारा देना बैंक बेरला से 2017 में 24 लाख का लोन लिया। जिसके 12 लाख रूपए की राशि मुझे चेक के माध्यम से प्राप्त हुई। परंतु शेष राशि का चेक मुझे प्राप्त नहीं हुआ एजेंट से संपर्क करने पर उसने चेक बाद में देने की बात कही। परंतु उसी ने मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर चेक के 12 लाख रूपए निकाल दिए। आज आवेदक के नाम से 30 लाख रूपए का नोटिस तामिल किया जा रहा है। आवेदक इस धोखाधड़ी की वजह से आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान है आवेदक का कथन है कि उसके अलावा उसके जैसे कई किसान एजेंट के द्वारा ठगे गए हैं इसलिए आवेदक का निवेदन है कि उसे धोखाधड़ी में न्याय दिलाया जाए और किसानों को भी इस प्रकार के धोखाधड़ी से बचाया जाए। कलेक्टर ने आवेदन एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव को प्रेषित किया।
प्लास्टिक कचरे की शिकायत
प्लास्टिक कचरे की समस्या को लेकर आज एक सामाजिक सेवा संस्था जनदर्शन पहुंची थी। जिसमें प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदुषण को रोकने के लिए अपना आवेदन लगाया था। उन्होंने अपने आवेदन में शराब भट्ठी, गार्डन, पर्यटन स्थल, तालाब, मैदान व अन्य स्थलों को चिन्हित किया था। जहां प्लास्टिक के कचरे का भंडारण होता है। जिसमें नगर के आसमाजिक तत्वों का भी विशेष योगदान रहता है। आवेदक का प्लास्टिक कचरे को लेकर कथन था कि इससे विशेष रूप से पशुधन को हानि पहुंच रही है। पशुधन प्लास्टिक को खाकर मर रहे हैं। इसके अलावा प्लास्टिक के कचरे का प्रबंधन सही तरीके से नहीं हो पाने के कारण सिवरेज व नालियों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। आवेदक ने आवेदन में इसके निपटारन के लिए सुझाव भी अंकित किए थे जिसमें उसने प्लास्टिक के कचरे को सड़क निर्माण में उपयोग में लाने का सुझाव दिया। कलेक्टर ने आवेदन को संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया और मानक प्लास्टिक के उपयोग को और बढ़ावा दिया जाए इसके लिए प्रचार-प्रसार व समय-समय पर निगम अमले द्वारा कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया।




