नईदिल्ली। एयर इंडिया की फ्लाइट में पेशाब करने की घटना पर विमान कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई कर दी गई है। डीजीसीए नागरिक उड्डयन नियमों का उल्लंघन करने पर एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया है। इसके अलावा पायलट-इन कमांड का लाइसेंस भी तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

पायलट पर यह कार्रवाई विमान नियम 1937 के नियम 141 और लागू डीजीसीए के नागरिक उड्डयन नियमों के तहत अपनी ड्यूटी न निभाने में विफल रहने पर की है। इसके अलावा एयर इंडिया की उड़ान सेवाओं में निदेशक पर तीन लाख रुपए का फाइन लगाया है। मामले में पीडि़त महिला ने एयर इंडिया पर समय रहते एक्शन न करने और कंप्रोमाइज कराने का आरोप लगाया था, जिसके बाद डीजीसीए ने एयर इंडिया पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस बीच डीजीसीए ने एयर इंडिया से कहा है कि आपके खिलाफ एक्शन क्यों ना लिया जाए। आपने अपना दायित्व ठीक तरह से नहीं निभाया है, लेकिन फिर भी न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए आपको जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया जाएगा। उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
7 जनवरी को गिरफ्तार हुआ था आरोपी
पिछले साल 26 नवंबर को न्यू यॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में नशे में धुत शंकर मिश्रा ने बिजनेस क्लास में बैठी 70 साल की महिला यात्री पर पेशाब कर दिया था। इस मामले पुलिस ने 7 जनवरी को बेंगलुरु से आरोपी को गिरफ्तार किया था। घटना के 42 दिन बाद उसे गिरफ्तार किया जा सका था। मुंबई का रहने वाला शंकर लगातार फरार चल रहा था, जिसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ 354,294,509,510 IPC के तहत केस दर्ज किया है।




