विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप देश के सामने, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय का प्रतीक
मुंगेली। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रस्तुत समग्र विकास विजन एवं बस्तर क्षेत्र हेतु घोषित जनकल्याणकारी योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की है।
रत्नावली कौशल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह विजन केवल विकास का रोडमैप नहीं, बल्कि आदिवासी बहुल बस्तर के सतत विकास, सामाजिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक दस्तावेज़ है। यह प्रथम अवसर है जब नक्सल प्रभावित क्षेत्र को विकास, शिक्षा और समृद्धि के केंद्र में रखकर नीति-निर्माण किया गया है। विकास विजन की प्रमुख उपलब्धियां।
आय क्रांति से आर्थिक आत्मनिर्भरता:बस्तर के आदिवासी परिवारों की मासिक आय को 3 वर्ष में 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने का संकल्प दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक है। इससे न केवल घरेलू आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में गुणात्मक परिवर्तन आएगा। महिला सशक्तिकरण की सुदृढ़ नींव आर्थिक स्वावलंबन से ही रखी जाती है।
डेयरी सिटी से महिला स्वरोजगार की नई गाथा: डेयरी सिटी की परिकल्पना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान सिद्ध होगी। दूध पाय, भैंस वितरण एवं संग्रहण केंद्रों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक उद्यमिता का सशक्त मंच प्राप्त होगा। 2000 करोड़ रुपए से अधिक के मेगा प्रोजेक्ट से बस्तर की महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देंगी।
सिंचाई क्रांति से किसान समृद्धि: 32,000 हेक्टेयर भूमि में ‘खेत तक पानीÓ पहुंचाने की घोषणा कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से फसल विविधिकरण संभव होगा, कृषि उत्पादन बहुगुणित होगा और अन्नदाता की आय में दीर्घकालिक स्थिरता आएगी। यह योजना किसान को वास्तव में आत्मनिर्भर बनाएगी।
एजुकेशन सिटी से युवाओं को नई उड़ान:अबुधमाड़-जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाली ‘एजुकेशन सिटीÓ अनुसूचित जाति, जनजाति एवं ग्रामीण युवाओं के लिए आशा की नवकिरण है। कृत्रिम मेधा ्रढ्ढ, सेमीकंडक्टर एवं रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण से बस्तर का युवा अब रोजगार का अन्वेषक नहीं, अपितु रोजगार का सृजनकर्ता बनेगा। प्रशिक्षण केंद्रों में स्थानीय भाषा एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता देना अत्यंत स्वागत योग्य कदम है।
सेवा डेरा और डिजिटल स्वास्थ्य से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच: 200 सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेराÓ में रूपांतरित कर 371 केंद्र एवं राज्य योजनाओं को एकीकृत मंच पर लाना प्रशासनिक दक्षता एवं संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। 36 लाख नागरिकों का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, त्वरित एवं सुलभ बनाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दूरस्थ अंचलों के निवासियों को सर्वाधिक लाभ प्राप्त होगा।
पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति: बस्तर में वॉटर स्पोट्र्स, एडवेंचर स्पोट्र्स एवं जंगल सफारी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का निर्णय सराहनीय है। इससे स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आर्थिक भागीदारी मिलेगी तथा बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्राप्त होगा।
रत्नावली कौशल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन ऐतिहासिक पहलों से बस्तर की आर्थिक तस्वीर ही नहीं बदलेगी, बल्कि सामाजिक संरचना में भी सकारात्मक रूपांतरण आएगा। शिक्षा एवं स्वास्थ्य सूचकांकों में उल्लेखनीय सुधार होगा, महिलाओं की आर्थिक भूमिका सुदृढ़ होगी तथा हिंसा से पहचान रखने वाले इस क्षेत्र की छवि विकास के आदर्श मॉडल क्षेत्र के रूप में स्थापित होगी।
रत्नावली कौशल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विजन समावेशी विकास का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है। बस्तर अब संसाधनों का भंडार मात्र नहीं रहेगा, अपितु अवसरों का संगम बनेगा। महिलाओं एवं अनुसूचित जाति-जनजाति समुदायों को सशक्त किए बिना इस परिवर्तन को पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती।
रत्नावली कौशल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घोषित इन विकास प्रस्तावों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष विभा अवस्थी के नेतृत्व में जमीनी स्तर पर महिलाओं के साथ मिलकर इन योजनाओं के त्वरित एवं पारदर्शी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता निभाएगा। उन्होंने समस्त जनता से इन जनकल्याणकारी पहलों में सहयोगी बनने की अपील की।




