रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अफीम की खेती का एक और मामला सामने आया है। तीन दिन पहले तमनार ब्लॉक में डेढ़ एकड़ खेत में अफीम की खेती का खुलासा हुआ था और इस बार लैलूंगा थाना क्षेत्र में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। यहां सब्जियों के बीच में अफीम उगाई गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

बता दें जिले में बीते तीन दिन में यह दूसरा मामला है। 17 दिनों में अफीम की खेती का ये पांचवा मामला है। इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा यहां 10-12 साल से खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था। झारखंड में उसके साथी अफीम की खेती कर रहे हैं और उसी को देख कर उसने यहां खेती करना शुरू किया। इस मामले में पुलिस ने झारखंड निवासी मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया है और जांच अभी जारी है।
इससे पहले सामने आए चार मामले
बता दें कि प्रदेश में पिछले 17 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह पांचवां मामला है। इससे पहले चार मामले सामने आ चुके हैं। दुर्ग जिले के समोदा में विनायक ताम्रकर पिछले 5 साल से अफीम की अवैध खेती कर रहा था। पुलिस ने ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में 7.88 करोड़ रुपए के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे। भाजपा नेता समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी में त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध अफीम की 3.67 एकड़ में खेती पकड़ी गई थी। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त किया था। तीसरा मामला – बलरामपुर के कोरंधा में सामने आया। कोरंधा में 3 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई थी। इसके बाद 20 मार्च को रायगढ़ के तमनार में अफीम की खेती पकड़ी गई थी।




