ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: Bhilai : 500 से अधिक लोगों ने कराया अपना प्रकृति परीक्षण, स्वस्थ्य जीवनशैली का रहस्य भी सीखा
Share
Notification Show More
Latest News
भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना का निर्माण : मुख्यमंत्री साय
October 13, 2026
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ
October 13, 2026
खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री साय
October 13, 2026
छत्तीसगढ़ में लागू हुआ नया किराया नियंत्रण कानून, राज्यपाल ने दी मंजूरी
October 13, 2026
नए शाला भवन निर्माण से अब गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा
सेवा की कहानी : नए शाला भवन निर्माण से अब गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा
October 13, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsChhattisgarhDurg-BhilaiFeatured

Bhilai : 500 से अधिक लोगों ने कराया अपना प्रकृति परीक्षण, स्वस्थ्य जीवनशैली का रहस्य भी सीखा

By Mohan Rao Published December 18, 2024
Share
शिविर में सेवा देने वाले डॉक्टर
SHARE

भिलाई। आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” के अंतर्गत भिलाई के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का सफल संचालन आयुर-सानिध्य क्लीनिकल एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा किया गया, जिसमें 500 से अधिक संस्था के भाई बहनों ने प्रकृति परीक्षण करवाया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए आवश्यक सुझाव प्राप्त किए।

इस शिविर में आयुर्वेद के चिकित्सकों और छात्रों ने सहभागिता की और नागरिकों को उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की प्रकृति (वात, पित्त, कफ) के अनुसार आहार और दिनचर्या का महत्व बताया। ब्रह्माकुमारी भिलाई संस्थान की प्रमुख आदरणीय ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने इस अभियान का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया। संस्था की वरिष्ठ सदस्य ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी ने स्वयं प्रकृति परीक्षण करवाकर इस प्रक्रिया की गहराई को समझा और सभी को इसे अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

बीमारियों की जड़ अनियमित जीवनशैली
फाउंडेशन से जुड़े आयुर्वेद छात्रों ने बताया कि आज 90% बीमारियों की जड़ असंतुलित आहार और अनियमित दिनचर्या है। आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों का उल्लेख करते हुए छात्र प्रशांत ने कहा कि यदि व्यक्ति अपनी प्रकृति को समझकर उसके अनुरूप आहार-विहार का पालन करे, तो वह न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है, बल्कि दीर्घायु का भी लाभ उठा सकता है।

संस्था के भाई बहनो ने साझा किए अनुभव
प्रकृति परीक्षण कराने वाले लोगो ने कहा कि परीक्षण के दौरान पूछे गए प्रश्न सरल लेकिन प्रभावी थे। इन प्रश्नों ने उन्हें अपने दैनिक जीवन की आदतों पर पुनर्विचार करने को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार ऋतुचर्या और आहार-विहार का पालन करने से न केवल रोगों से बचा जा सकता है, बल्कि पहले से मौजूद बीमारियों को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

“स्वास्थ्य के लिए अपनाएं आयुर्वेद
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों ने संस्था के भाई बहनों को अपनी प्रकृति के अनुसार जीवनशैली अपनाने और अपने सभी परिवार के सदस्यों को नजदीकी आयुर्वेद केंद्र पर प्रकृति परीक्षण कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत की यह प्राचीन चिकित्सा पद्धति न केवल रोगों से बचाव करती है, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य और दीर्घायु का आधार है।

संपर्क करें और बनें स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा
इस शिविर के माध्यम से आयुर-सानिध्य फाउंडेशन ने लोगों को आयुर्वेद के महत्व से परिचित कराते हुए उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया। फाउंडेशन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाएं और अपना प्रकृति परीक्षण कराएं।

You Might Also Like

भविष्य की जरूरतों और आर्थिक विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप हो अधोसंरचना का निर्माण : मुख्यमंत्री साय

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ

खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ में लागू हुआ नया किराया नियंत्रण कानून, राज्यपाल ने दी मंजूरी

सेवा की कहानी : नए शाला भवन निर्माण से अब गांव में ही मिलेगी बेहतर शिक्षा

Mohan Rao December 18, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article मरीन ड्राइव में ‘खुशहाल एक साल’इवेंट में रायपुरवासियों ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्सा] सही जवाब देकर उपहार भी बटोरे
Next Article दुर्ग से पलासा-बरहमपुरम तक सीधी रेल की मांग, विधायक रिकेश ने लिखा केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?