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Health

सुपरफूड कही जाने वाली ब्रोकली के प्रेगनेंसी में फायदे और नुकसान

By @dmin
Published: July 29, 2020
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महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ब्रोकली बहुत फायदेमंद होती है इसलिए महिलाओं के संतुलित आहार में ब्रोकली को शामिल करने की सलाह दी जाती है लेकिन क्या आप जानती हैं कि प्रेगनेंसी में ब्रोकली खानी चाहिए या नहीं? जानिए कि गर्भावस्था में ब्रोकली खाने के फायदे और नुकसान क्या हैं और इससे प्रेगनेंट महिला एवं गर्भस्थ शिशु पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Contents
  • प्रेगनेंसी में ब्रोकली खा सकते हैं या नहीं
  • ब्रोकली खाने का लाभ
  • प्रेगनेंसी में कब्ज का इलाज
  • जेस्टेशनल डायबिटीज
  • इम्यूनिटी बढ़ती है
  • आंखों की रोशनी तेज होती है
  • कितनी मात्रा में ब्रोकली खानी चाहिए

प्रेगनेंसी में ब्रोकली खा सकते हैं या नहीं

गर्भावस्था में ब्रोकली खाना बिल्कुल सुरक्षित रहता है और आपको ब्रोकली के सेवन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा ब्रोकली कई तरह के विटामिन और खनिज पदार्थ होते हैं जो मां ही नहीं शिशु के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ये भ्रूण के विकास में मदद करते हैं और उसे किसी विकार से बचाए रखते हैं।

ब्रोकली खाने का लाभ

प्रेगनेंसी में आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया का खतरा ज्यादा रहता है। गर्भावस्था में आयरन की जरूरत ज्यादा होती है और प्राकृतिक स्रोतों से इसकी पूर्ति करना बेहतर रहता है। ब्रोकली में आयरन और फोलिक एसिड प्रचुरता में पाया जाता है। अपने आहार में ब्रोकली को शामिल कर आप रोजाना की आयरन की पूर्ति कर सकती हैं।

प्रेगनेंसी में कब्ज का इलाज

प्रेगनेंट महिलाओं को कब्ज की शिकायत रहती है। हार्मोनल बदलावों, आयरन के सप्लीमेंट लेने और अन्य शारीरिक बदलाव कब्ज का कारण बन सकते हैं। ब्रोकली में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो प्रेगनेंसी में कब्ज से बचाता है। ब्रोकली से कब्ज से राहत मिलती है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।

जेस्टेशनल डायबिटीज

प्रेगनेंट महिलाओं को नौ महीने के दौरान डायबिटीज का खतरा रहता है। प्रेगनेंसी में डायबिटीज होने को जेस्टेशनल डायबिटीज कहा जाता है। शरीर में होने वाले बदलावों में से एक इंसुलिन का उत्पादन कम होना भी शामिल है।
शुगर को तोडऩे के लिए इंसुलिन जरूरी होता है। इस स्थिति में ब्रोकली आपको डायबिटीज से बचाने में मदद कर सकती है। ब्रोकली शुगर को सामान्य स्तर पर रखती है जिससे जेस्टेशनल डायबिटीज का जोखिम कम होता है।

इम्यूनिटी बढ़ती है

गर्भावस्था के दौरान इम्यून सिस्टम मजबूत हो तो संक्रमणों का खतरा नहीं रहता है। ब्रोकली में बीटा-कैरोटीन होता है जो इम्यूनिटी को मजबूत करता है। इसके अलावा ब्रोकली में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और जिंक होता है जो हड्डिडयों को मजबूत बनाता है। इस सब्जी में मौजूद विटामिन ए, ई, बी और के होता है इसलिए प्रेगनेंसी डायट में ब्रोकली लेने से त्वचा स्वस्थ रहती है।

आंखों की रोशनी तेज होती है

ब्रोकली में फाइटोकेमिकल होते हैं जो कैंसर-रोधी गुण रखते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को बनने से रोकने में मदद करते हैं। ब्रोकली न सिर्फ प्रेगनेंसी बल्कि डिलीवरी के बाद भी आपको कैंसर से बचाती है। बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए आंखों की रोशनी बढ़ाते हैं। ब्रोकली इन दोनों चीजों से प्रचुर है। रोज ब्रोकली खाने से आंखों से संबंधित परेशानियां कम हो सकती हैं।

कितनी मात्रा में ब्रोकली खानी चाहिए

.प्रेगनेंट महिलाओं को दिन में दो से तीन कप ब्रोकली खानी चाहिए। ब्रोकली में सोडियम, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट, डायट्री फाइबर, शुगर, प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी और कैल्शियम जैसे अनेक पोषक तत्व होते हैं।

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