ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: ज्ञानभारतम अभियान : जीपीएम में मिली रामचरितमानस की दुर्लभ पांडुलिपि
Share
Notification Show More
Latest News
Bhilai Crime : विवाद के बाद पिकअप से कुचलकर युवक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार
September 27, 2026
भारतीय वायु सेना ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ में फँसे 12 नागरिकों को सुरक्षित बचाया
September 27, 2026
भिलाई नगर थाने की लावारिश वाहन नीलाम, दुर्ग पुलिस के खजाने में आए 12 लाख से ज्यादा
September 27, 2026
नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार : मुख्यमंत्री साय
September 27, 2026
थाने से भागा छेड़छाड़ का आरोपी तीन दिन बाद गिरफ्तार, रात में आता था घर, पुलिस ने की घेराबंदी
September 27, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

ज्ञानभारतम अभियान : जीपीएम में मिली रामचरितमानस की दुर्लभ पांडुलिपि

By Mohan Rao Published May 11, 2026
Share
SHARE

अवधि भाषा में रचित प्राचीन ग्रंथ का डिजिटल संरक्षण, पीढ़ियों से उपाध्याय परिवार ने सहेजकर रखी थी यह धरोहर

रायपुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम” (राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान) के तहत छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यहाँ इतिहास, धर्म और साहित्य के संगम वाली रामचरितमानस की एक अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपि प्राप्त हुई है। विशेषज्ञों ने इस प्राचीन ग्रंथ को ऐतिहासिक और भाषाई दृष्टि से अमूल्य बताया है।

यह पांडुलिपि गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली निवासी ज्ञानेंद्र उपाध्याय के परिवार के पास सुरक्षित थी। परिवार के अनुसार, उनके परदादा ने दशकों पहले इस ग्रंथ की महत्ता को समझते हुए इसे सहेजना शुरू किया था। तब से लेकर आज तक, चार पीढ़ियों ने इस अमूल्य निधि को दीमक और समय की मार से बचाकर रखा। अब ज्ञानभारतम अभियान के माध्यम से इसे वैज्ञानिक तरीके से दस्तावेजीकृत  और डिजिटल रूप से सुरक्षित कर लिया गया है।

कलेक्टर की मौजूदगी में हुआ डिजिटल संरक्षण
पांडुलिपि के संरक्षण कार्य के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने इस अवसर पर कहा ये पांडुलिपियां केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान परंपरा का जीवंत इतिहास हैं। इनका संरक्षण हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने का एक सेतु है।

क्यों खास है यह पांडुलिपि?
विशेषज्ञों के अनुसार, अवधी भाषा में रचित यह पांडुलिपि कई मायनों में महत्वपूर्ण है।  यह उस काल की लेखन शैली और भाषाई संरचना को समझने का बड़ा स्रोत है। इसके अध्ययन के माध्यम से तत्कालीन सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। यह क्षेत्र की प्राचीन ज्ञान परंपरा और शिक्षा के प्रसार का जीवंत एवं ऐतिहासिक प्रमाण है।

क्या है “ज्ञानभारतम” अभियान?
कलेक्टर गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही डॉ. देवांगन ने बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी संग्रहों, मंदिरों, आश्रमों और पुराने संस्थानों में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान करना है। इन धरोहरों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और डिजिटल संरक्षण किया जा रहा है ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान संपदा को हमेशा के लिए सुरक्षित किया जा सके। गौरेला- पेन्ड्रा-मरवाही जिले में इस दुर्लभ ग्रंथ का मिलना न केवल जिले के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। ज्ञानभारतम अभियान के तहत राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी दुर्लभ कड़ियों की खोज निरंतर जारी है।

You Might Also Like

Bhilai Crime : विवाद के बाद पिकअप से कुचलकर युवक की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

भारतीय वायु सेना ने छत्तीसगढ़ में बाढ़ में फँसे 12 नागरिकों को सुरक्षित बचाया

भिलाई नगर थाने की लावारिश वाहन नीलाम, दुर्ग पुलिस के खजाने में आए 12 लाख से ज्यादा

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार : मुख्यमंत्री साय

थाने से भागा छेड़छाड़ का आरोपी तीन दिन बाद गिरफ्तार, रात में आता था घर, पुलिस ने की घेराबंदी

Mohan Rao May 11, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article सीजी बोर्ड 12वीं हिंदी पेपर-लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार…. बिलासपुर से पकड़ाया
Next Article सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : ’इतिहास को स्मृतियों में रख भविष्य को संवारने के संकल्प से बनता है सशक्त राष्ट्र- डिप्टी सीएम शर्मा’

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?