रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने विवादों से घिरी दंतेवाड़ा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है। वर्मा पर पद में रहते हुए गलत तरीके से लाभ प्राप्त करना, अपने पद का दुरुपयोग करना और अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित करने का आरोप लगा था। जांच के बाद कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया गया है । निलंबन अवधि में कल्पना वर्मा को पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में अटैच किया गया है। इस संबंध में गृह(पुलिस) विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
जारी आदेश में आदेश में कहा गया है कि शिकायत की प्राथमिक जांच के दौरान डीएसपी वर्मा के खिलाफ वित्तीय लेनदेन, जांच में दिए गए बयानों और व्हाट्सएप चैट से जुड़े तथ्यों में गंभीर विरोधाभास पाए गए। जांच में कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ लेने, पद का दुरुपयोग करने और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आए हैं। सरकार के अनुसार यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इसी आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े विवाद की जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए थे। इस मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से महिला डीएसपी ने कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये की वसूली की। आरोपों में करीब 2 करोड़ नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख की डायमंड रिंग, पांच लाख के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार शामिल हैं। कारोबारी का यह भी कहना है कि शिकायत के बावजूद कार और ज्वेलरी अब तक वापस नहीं की गई। मामले में डीएसपी के भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने करोड़ों रुपये वसूलने के आरोप भी लगे हैं, जिसकी अलग से जांच की मांग की जा रही है। शासन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर कराई गई जांच के बाद करीब 1475 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी गई थी।





