रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के क्रम में ग्राम मन्नाबेदी, बोड़ला विकासखंड निवासी बेदकुमारी बैगा को कुष्ठ संबंधी स्वास्थ्य समस्या के उपचार से जोड़ा गया। शरीर पर दाग और झुनझुनी जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी जांच कर आवश्यक स्वास्थ्य सलाह दी। इसके बाद राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उन्हें निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय से आने वाली बेदकुमारी ने स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन में नियमित उपचार लिया। विभाग के अनुसार उपचार के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है और वर्तमान में वे सामान्य दैनिक गतिविधियां कर रही हैं।
बेदकुमारी के लिए निःशुल्क दवा और उपचार की सुविधा महत्वपूर्ण रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लक्षणों की पहचान के बाद उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और उपचार के दौरान मार्गदर्शन देने का काम किया गया।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कुष्ठ संबंधी लक्षणों की पहचान कर लोगों को जांच एवं उपचार से जोड़ने का कार्य किया जाता है। बेदकुमारी के मामले में भी स्वास्थ्य टीम ने लक्षणों की पहचान के बाद उन्हें कार्यक्रम के तहत उपलब्ध उपचार की सुविधा दिलाई।
बेदकुमारी बैगा ने कहा, “समय पर कुष्ठ का इलाज मिलने से मुझे बीमारी से राहत मिली। निःशुल्क दवाई और उपचार उपलब्ध कराने के लिए शासन का धन्यवाद।”
बेदकुमारी की कहानी सेवा संकल्प अभियान के उस प्रयास को सामने लाती है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और समय पर उपचार उपलब्ध कराना इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।




