ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना
Share
Notification Show More
Latest News
दुर्ग भिलाई के 11 थानों में जमा 33 हजार लीटर से ज्यादा शराब को पुलिस ने किया नष्ट
October 22, 2026
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें 24 नवंबर से रहेंगी रद्द, ट्रैक रिनोवेशन के लिए रेलवे ले रहा मेगा ब्लॉक
October 22, 2026
नवा रायपुर के नंदनवन जू जंगल सफारी में मादा हिमालयन भालू ‘फफोरी’ की मौत
October 22, 2026
राष्ट्रपति का बस्तर दौरा : जगदलपुर एयरपोर्ट, सिरहासार भवन व दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र ‘नो ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित
October 22, 2026
खेत बचाओ अभियान के तहत एनआईबीएसएम और केवीके मिलकर करेंगे किसानों को जागरूक
October 22, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedJashpurRaipur

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना

By Mohan Rao Published December 30, 2025
Share
SHARE

रायपुर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

You Might Also Like

दुर्ग भिलाई के 11 थानों में जमा 33 हजार लीटर से ज्यादा शराब को पुलिस ने किया नष्ट

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें 24 नवंबर से रहेंगी रद्द, ट्रैक रिनोवेशन के लिए रेलवे ले रहा मेगा ब्लॉक

नवा रायपुर के नंदनवन जू जंगल सफारी में मादा हिमालयन भालू ‘फफोरी’ की मौत

राष्ट्रपति का बस्तर दौरा : जगदलपुर एयरपोर्ट, सिरहासार भवन व दंतेश्वरी मंदिर क्षेत्र ‘नो ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित

खेत बचाओ अभियान के तहत एनआईबीएसएम और केवीके मिलकर करेंगे किसानों को जागरूक

Mohan Rao December 30, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article नौतनवा, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस की मांगों को लेकर सांसद-विधायक से मिला यूपी-बिहार रेलयात्री संघ
Next Article ऑनलाइन मंगाई प्रिंटिग मशीन, यूट्यूब देखकर सीखी छपाई… दुर्ग नकली नोट के साथ दंपति गिरफ्तार

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?