नईदिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) को लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल के जरिए सहारा में निवेशकों के फंसे पैसे वापस मिल जाएंगे। देशभर के लाखों निवेशकों के करोड़ों रुपए सहारा इंडिया में फंसे हुए हैं। इस पोर्टल के लॉन्च होने से निवेशकों के रुपए वापस मिलने की उम्मीद जागी है।

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पोर्टल लॉन्च के कार्यक्रम में कहा कि लगभग चार करोड़ लोगों को शुरुआती तौर पर फायदा होगा। सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से 5,000 करोड़ रुपए निवेशकों को वापस मिलेंगे। उन्होंने सहारा को लेकर कहा कि कई साल कोर्ट में केस चला, मल्टी एजेंसी सीजर हुआ, नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसे हालात में निवेशकों के हितों को लेकर पहल रिफंड पोर्टल के जरिए की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा रिफंड पोर्टल के उद्घाटन पर कहा कि चार सहकारी समितियों का सारा डेटा ऑनलाइन है। यह पोर्टल 1.7 करोड़ जमाकर्ताओं को खुद को रजिस्टर करने में मदद करेगा। इन जमाकर्ताओं के क्लेम का निपटारा किया जाएगा। 45 दिनों के भीतर जमाकर्ताओं के बैंक खाते में पैसा वापस कर दिया जाएगा।
45 दिनों में पूरा होगा प्रोसेस
इस रिफंड पोर्टल के जरिए उन निवेशकों के रकम वापस मिलेगी, जिनके निवेश की मैच्योरिटी पूरी हो चुकी है. इस पोर्टल पर निवेशक अपना नाम दर्ज कराएंगे। वेरिफिकेशन के बाद उनके रकम वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी। निवेशकों के दस्तावेज सहारा समूह की समितियों द्वारा 30 दिन के भीतर वेरिफाई किए जाएंगे। इसके बाद ऑनलाइन क्लेम दर्ज करने के 15 दिन के भीतर SMS के जरिए निवेशकों को सूचित कर दिया जाएगा। इसके बाद बैंक खाते में निवेश की रकम आ जाएगी। यानी इस प्रोसेस में कम से कम 45 दिन लगेंगे। इसके बाद ही निवेशकों के पैसे वापस मिलेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
बता दें कि सहारा ग्रुप की सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के पास पैसे जमा करने वाले इंवेस्टर्स को राहत दिलाने के लिए सहकारिता मंत्रालाय ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर लाई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 5,000 करोड़ रुपये सीआरसीएस को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।




