रायपुर। युवा उद्यमी, मशहूर गायिका और म्यूजिक कंपोजर अनन्या बिड़ला मंगलवार को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा ‘जलवायु परिवर्तन के खिलाफ युवाओं की भूमिका विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन में शामिल हुईं। पैनल डिस्कशन के बाद सुश्री अनन्या बिड़ला ने लाइव बैंड पर अपनी प्रस्तुति भी दी जिसने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं को झूमने पर मजबूर किया
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में यूनिसेफ, एनएसएस, अनन्या बिड़ला फाउंडेशन और संज्ञा पीआर के सहयोग से पैनल डिस्कशन तथा लाइव बैंड का आयोजन किया गया था। पैनल डिस्कशन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू और पर्यावरणविद एम.एल. नायक, अजय मिश्रा, श्वेता पटनायक, मंजरी शर्मा और तनुजा वर्मा शामिल हुए। श्याम सुंदर पैनल डिस्कशन के मॉडरेटर थे। ।
पैनल डिस्कशन में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ युवाओं की भूमिका सुनिश्चित करने और राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने कई विशेषज्ञों एवं यूथ आइकॉन के रूप में मौजूद सुश्री अनन्या बिड़ला ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सभी पैनलिस्ट्स ने अनुशासित जीवन पद्धति से जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण पर जोर दिया। पैनलिस्ट्स ने अपने-अपने संस्थान द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को ऊर्जा संरक्षण के लिए जागरूक होने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री के सलाहकार गौरव द्विवेदी ने कार्यक्रम में अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज युवाओं का युग है। पर्यावरण के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन को रोकने में युवाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा पहनाकर यूथ आइकन सुश्री अनन्या बिड़ला का सम्मान किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ आने के लिए सुश्री बिड़ला को धन्यवाद दिया। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक अनिल साहू ने सुश्री बिड़ला को बस्तर आर्ट की भगवान श्रीराम की मूर्ति और छत्तीसगढ़ हर्बल्स का स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया।
पैनल डिस्कशन में शिरकत करते हुए अनन्या बिड़ला ने कहा कि युवा समझदार हैं। वे अनुशासित जीवन पद्धति को अपनाकर पर्यावरण का संरक्षण कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि उनके पास पर्यावरण संरक्षण को लेकर कोई विचार हैं, तो हमसे अवश्य साझा करें। हम उस पर अमल करेंगे। सुश्री बिड़ला ने कार्यक्रम में वर्ष 2023 में दस हजार पेड़ लगाने का संकल्प लिया। उन्होंने रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में पौधा लगाकर इसकी शुरूआत की।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू ने पर्यावरण सन्तुलन और पर्यटन के विकास में छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में 90 लाख क्विन्टल से अधिक धान की खरीदी होती है, लेकिन पराली जलाने की जो समस्या दिल्ली और पंजाब में देखी जाती है, वैसी स्थिति यहां नहीं है।




