ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गौठान महिलाओं के लिए स्वालंबन होने का सबसे बड़ा साधन – अनिला भेड़िया
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhDurg-BhilaiFeaturedRaipur

गौठान महिलाओं के लिए स्वालंबन होने का सबसे बड़ा साधन – अनिला भेड़िया

By @dmin
Published: March 12, 2022
Share
गौठान महिलाओं के लिए स्वालंबन होने का सबसे बड़ा साधन - अनिला भेड़िया
गौठान महिलाओं के लिए स्वालंबन होने का सबसे बड़ा साधन - अनिला भेड़िया
SHARE

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा पहुंची अंजोरा स्थित वृदावंन गौठान रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क
वृदावंन रसोई में छत्तीसगढ़ी व्यंजन टमाटर चटनी के साथ चिला, गुलगुला भजिया और चाय की चुस्की लेते हुए स्वसहायता समूह की महिलाओं से की बातचीत

रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम अंजोरा स्थित वृदावंन गौठान रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क पहुंची। मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा और राज्यसभा सदस्य श्रीमती छाया वर्मा ने वृदावंन रसोई में छत्तीसगढ़ी व्यंजन टमाटर चटनी के साथ चिला, गुलगुला भजिया और चाय की चुस्की लेते हुए स्वसहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर उनके कार्यों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वृदावंन गौठान बनने के बाद ढाबा चला रही हंै। यहां अतिथियों के साथ आसपास के नागरिक, स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी सैर करने और गौठान देखने आते हंै। अब तक ढाबा में लगभग 14 हजार 800 रूपए की बिक्री कर चुकी हंै। प्रतिदिन 400-500 रूपए का विक्रय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके आय का जरिया बन गया है। इस दौरान महिलाओं ने श्रीमती भेडिय़ा को गौठान में उत्पादित चार रंग के हर्बल गुलाल हरा, नीला, गुलाबी, पीला, रंग और मिठाई भेंट की। श्रीमती भेडिय़ा ने वहां कार्य कर रही महिलाओं को श्रम कार्ड वितरण किया। इस दौरान कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर उपस्थित थे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा ने गौठान के रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क में स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया और महिलाओं से चर्चा कर कार्य विधि की जानकारी ली। उन्होंने गुलाल उत्पादन, गुलाल पैकिंग, बांस शिल्प कारीगिरी, गोपी चंदन, मशरूम शेड, वर्मी कम्पोस्ट का अवलोकन किया। मंत्री श्री भेडिय़ा गौठान में स्वसहायता समूह की महिलाओं के कार्यों को देखकर प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इस गौठान में महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों में मन लगाकर कार्य करते हुए प्रत्यक्ष देखकर खुशी हुई। यहां महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में समर्पित भाव से कार्य कर रही हंै। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा थी कि प्रत्येक दीदीयों को कार्य मिले और स्वयं आत्मनिर्भर बन सकें। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण यहां देखने को मिल रहा है। महिलाओं के लिए गौठान स्वालंबन होने का सबसे बढ़ा साधन है। अब महिलाएं स्वयं अपने अनुसार कार्य कर रही हैं और लाभ कमा रही हंै। उन्होंने कहा कि समूह द्वारा सभी महिलाओं का एक साथ कार्य करने से विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका मिलता है। शासन की योजना से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। अब दीदीयां स्वयं आमदनी से सक्षम होकर अपने परिवार के के आर्थिक मदद में सहयोग कर रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा ने स्वसहायता समूह की महिलाओं से रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क में उत्पादित कर रहे सामग्री की जानकारी ली। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि गौठान में 80 महिलाएं कार्य कर रही है। प्रत्येक महिला को प्रतिमाह 6 हजार रूपए आमदनी हो रही है। गुलाल बना रही स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि यहां हर्बल खुशबूदार गुलाल तैयार किया जा रहा है। विभिन्न प्रकार के रंग भी तैयार किए गए है। श्री गणेशा कंपनी से साझेदारी कर कार्य किया जा रहा है। जिसके माध्यम से विक्रय किया जाता है। इसके साथ ही बाजारों में भी गुलाल का विक्रय किया जा रहा है। जिसकी बाजारों और अन्य राज्यों में अधिक मांग है। आज एक ही दिन में 26 हजार रूपए के हर्बल गुलाल का विक्रय दिल्ली के नागरिक को किया है। महिलाओं ने बताया कि मंदिर में उपयोग हुए फूलों को इकठ्ठा कर गुलाल बनाया जाता है। वहीं चंदन तैयार कर रही महिलाओं ने निर्माण विधि की जानकारी दी। मशरूम उत्पादन कर रही स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि मशरूम उत्पादन कर ढाबा में विक्रय किया जा रहा है। इससे आमदनी हो रही है। वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन कर रही स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय से 1 लाख 18 हजार रूपए का लाभांश प्राप्त हो चुका है। इस दौरान ग्राम पंचायत अंजोरा की सरपंच अंजू साहू, जनपद सीईओ राजनांदगांव एसके ओझा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के तीन उत्कृष्ट स्वावलंबी गौठानों को किया सम्मानित…
छत्तीसगढ़ बना ‘जल आत्मनिर्भर राज्य’ का मॉडल, 42000 से अधिक किसानों को मिली सिंचाई से कृषि में आत्मनिर्भरता
Gustakhi Maaf: खुद अपने लाले पड़े हैं बाघों की किसे पड़ी
रायपुर में देर रात नए पुलिस कमिश्नर ने ली अफसरों की बैठक, कानून व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश
5जी का शुभांरभ: 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति का हुआ आगाज, टेक्नोलॉजी सेक्टर में आएगी क्रांति-पीएम मोदी
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article रामायण मंडलियों की प्रतिभा को राज्यस्तरीय मंच देने शासन की अनूठी पहल, सुंदर मानसगान से आध्यात्मिक हुआ गांवों का माहौल रामायण मंडलियों की प्रतिभा को राज्यस्तरीय मंच देने शासन की अनूठी पहल, सुंदर मानसगान से आध्यात्मिक हुआ गांवों का माहौल
Next Article 'चिरायु' योजना में इस साल अब तक 7440 बच्चों का इलाज ‘चिरायु’ योजना में इस साल अब तक 7440 बच्चों का इलाज

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?