भिलाई। देश भर के बाजारों में टमाटर की कीमतें पिछले कुछ दिनों में ही 10 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं। बताया जाता है कि इसके पीछे का कारण टमाटर उगाने वाले क्षेत्रों से हीटवेव और भारी बारिश के कारण आपूर्ति में आई गिरावट है। इस साल कई कारणों से पिछले वर्षों की तुलना में कम टमाटर की बुआई हुई। चूंकि, पिछले साल सेम की कीमत बढ़ गई थी, इसलिए कई किसानों ने इस साल सेम उगाना शुरू कर दिया। हालांकि, मानसून की बारिश की कमी के कारण फसलें सूख गई हैं और मुरझा गई हैं। सब्जियों, विशेष रूप से टमाटर की सीमित आपूर्ति का प्रमुख कारण भारी वर्षा और अत्यधिक गर्मी के कारण फसल का नुकसान है। पिछले दो-तीन दिनों में दर अचानक बढ़ गई है। कीमत में अचानक वृद्धि भारी वर्षा के कारण हुई है। बारिश के कारण टमाटर की फसल को नुकसान हुआ है।

पूरे देश में हर जगह टमाटर के भाव आसमान छू रहे
छत्तीसगढ़ में भी टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं क्योंकि लगातार बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया है और बची फसल को मंडी तक पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। दुर्ग-भिलाई में भी टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। व्यापारियों ने कहा है कि भारी बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। दुर्ग, भिलाई और रायपुर के बाजार में एक सप्ताह पहले 40 से 50 रुपये प्रति किलो के भाव बिकने वाला टमाटर अब 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि प्रदेश में कहीं कहींं यह 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बाजार में एक सब्जी विक्रेता ने कहा, महंगाई बारिश की वजह से है। 10 दिनों में कीमतें और बढऩे की संभावना है। हर साल इस महीने के दौरान टमाटर की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं। वहीं पूरे देश में मानसून अपने चरम पर है जिसकी वजह से टमाटर की आपूर्ति में काफी व्यवधान आया आ रहा है जिसके कारण टमाटर के दाम इतने बढ़ गए हैं।




