रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश जगहों पर हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। वहीं एक-दो स्थानों पर वज्रपात गिरने और भारी बारिश होने की संभावना है। रायपुर शहर में बादल छाए रहेंगे और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। यहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
कुछ दिनों से प्रदेश में बारिश न होने से लोग गर्मी से काफी परेशान थे। बारिश होने से लोगों को राहत मिली है। बीते दिन शनिवार को दोपहर के बाद राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश हुई है। दोपहर के बाद बारिश देर रात तक हुई। कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। इससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बारिश की गतिविधि में बढ़ोतरी की संभावना है। अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट होने की भी संभावना है। बीते दिन शनिवार को जशपुर, कबीरधाम, कोरबा, सरगुजा, पेंड्रा, बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली जैसे कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई है। वहीं बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बलरामपुर, कोरिया कोंडागांव, बस्तर, सुकमा इन जिलों में काम हुई है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक आज यानि 17 जुलाई को प्रदेश के सरगुजा, जशपुर, पेंड्रा, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, बेमेतरा, और कबीरधाम जिला में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग और बस्तर जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है। 17 को सुबह 8:30 से 18 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक प्रदेश के सरगुजा, जशपुर, कोरिया, पेंड्रारोड, बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, जांजगीर, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के सरगुजा, बलरामपुर, कोरबा, रायपुर, बलौदाबाजार, दंतेवाड़ा, और सुकमा जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है।
संभावित प्रभाव
लगातार बारिश वर्षा होने से मौसम विभाग में संभावित प्रभाव बताते हुए कहा कि स्थानीय बाढ़ निचले इलाकों में जल भराव और मुख्य रूप से उपरोक्त क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों में अंडर पासों का बंद होना, कृषि क्षेत्रों में जलजमाव के कारण फूल, पत्तियां, फल गिरना, बड़ी सफल फसलों को नुकसान, भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कमी शहरों में जलभराव के कारण मुख्य सड़कों में यातायात बाधित होने से यात्रा का समय बढ़ जाता है, सड़कों में फिसलन का बढ़ जाना।




