नई दिल्ली (एजेंसी)। चुनाव वाले पांच राज्यों में कोविड-19 की स्थिति का आकलन करने के कुछ दिनों बाद चुनाव आयोग ने राज्यों को संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण अभियान को तेज करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का दोहरा टीकाकरण किया जाए। सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब के मुख्य सचिवों को हाल ही में लिखे एक पत्र में चुनाव आयोग ने पांच राज्यों को भी याद दिलाया है कि मतदान कर्मी अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की श्रेणी में आते हैं और कोरोना की एहतियाती टीके की खुराक के पात्र हैं।
मतदानकर्मियों का पूरा टीकाकरण हो
सूत्रों ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने कहा है कि इन राज्यों में तैनात किए जाने वाले मतदान कर्मियों को पूरी तरह से टीका लगाया जाना चाहिए और टीकों की दूसरी खुराक के लिए पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर जबरन दिया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है जबकि गोवा, मणिपुर और पंजाब विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग इस महीने की पहली छमाही में पांच राज्यों के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा कर सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ दिनों पहले में कहा था कि पांच मतदान वाले राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाने वाले कर्मियों को फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की श्रेणी में शामिल किया जाएगा और वे कोविड-19 टीकों की एहतियाती खुराक के हकदार होंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा था कि जिन राज्यों में चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा, उन्हें फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
एहतियात के तौर पर उन स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को, जिन्हें दो खुराक मिली हैं उन्हें 10 जनवरी 2022 से कोविड-19 वैक्सीन की एक और खुराक दी जाएगी।




