कांकेर। महानदी को छत्तीसगढ़ राज्य की जीवन रेखा और छत्तीसगढ़ की गंगा कहा जाता है। लेकिन इस गंगा पर माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। जो इस गंगा को खोखली करने में जुट गए हैं। दिन के उजालों से लेकर रात के अंधेरों में माफिया सक्रिय होकर NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश की खुल्लम-खुल्ला धज्जिया उड़ा रहे हैं। सरकारी तंत्र के नाक के नीचे हो रहे कार्य पर सभी आंखे मूंद बैठे हैं।

कांकेर जिले में रेत का अवैध उत्खनन बदस्तूर जारी है। दिन के उजालों से लेकर रात के अंधेरे में भी रेत माफिया अवैध तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। जिले के चारामा क्षेत्र में तीन खदान टाहकापार, बसनवाही, चिनौरी अभी चालू हैं। सरकारी नियमों से शुरू हुए इस खदान से दिन में रेत का परिवहन किया जा रहा है। लेकिन रात के अंधेरे में इस खदान से अवैध रेत का उत्खनन कर चोरी की जा रही है। रोजाना अंधेरे का फायदा उठाकर नदी से चैन माउंटेन और जेसीबी के सहारे गाडिय़ों में लोड कर अवैध रेत बेचा जा रहा है।




