ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: केंद्र सरकार को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ की नीति को सही ठहराया, तीन महीने में बकाया भुगतान करने का निर्देश
Share
Notification Show More
Latest News
20 हजार रुपये की सहायता से मां और नवजात शिशु के पोषण एवं देखभाल की राह हुई आसान
मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा
October 13, 2026
श्रीनगर में छाई छत्तीसगढ़ की बेटियां :  साइकिल पोलो फेडरेशन कप में जीता गोल्ड
October 13, 2026
‘बिटिया @ वर्क’ अभियान : शासकीय कार्यालयों में पहुंचीं बेटियां, प्रशासनिक कामकाज को समझा
October 13, 2026
बिना पास खनिज परिवहन करते पकड़े गए वाहन, अंबिकापुर में चार टीपर जब्त
October 13, 2026
सुकमा में मिला नक्सल डंप : 13 हथियार और 208 डेटोनेटर सहित 46 जिंदा कारतूस बरामद
October 13, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

केंद्र सरकार को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ की नीति को सही ठहराया, तीन महीने में बकाया भुगतान करने का निर्देश

By @dmin Published March 16, 2022
Share
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, समूह की कंपनियों को अंतरिम राहत से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, समूह की कंपनियों को अंतरिम राहत से इनकार
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए लागू वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की नीति को सही ठहराया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसमें कोई संवैधानिक कमी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि नीति में 5 साल में पेंशन की समीक्षा का प्रावधान है जो कि बिल्कुल सही है। इसी प्रावधान के तहत सरकार 1 जुलाई 2019 की तारीख से पेंशन की समीक्षा करे। अदालत ने सरकार से सेवानिवृत्त सैनिकों को तीन महीने में बकाया का भुगतान करने के लिए कहा। बता दें कि याचिकाकर्ता भारतीय भूतपूर्व सैनिक आंदोलन (आईईएसएम) ने सरकार के साल 2015 के वन रैंक वन पेंशन नीति के फैसले को चुनौती दी थी। इसमें उन्होंने दलील दी थी कि यह फैसला मनमाना और दुर्भावनापूर्ण है क्योंकि यह वर्ग के भीतर वर्ग बनाता है और प्रभावी रूप से एक रैंक को अलग-अलग पेंशन देता है।

जानें सरकार के किस फैसले का हो रहा था विरोध
दरअसल, केंद्र सरकार ने 7 नवंबर 2015 को वन रैंक वन पेंशन योजना (ओरोप) की अधिसूचना जारी की थी जिसमें कहा गया था कि इस योजना की समीक्षा पांच वर्षों में की जाएगी लेकिन भूतपूर्व सैनिक संघ की मांग थी कि इसकी समीक्षा एक साल के बाद हो। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद चल रहा था।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने की सुनवाई
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन पर केंद्र के फैसले में कोई दोष नहीं है और सरकार के नीतिगत मामलों में हम दखल नहीं देना चाहते हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि सरकार 1 जुलाई 2019 की तारीख से पेंशन की समीक्षा करे। 3 महीने में बकाया का भुगतान करे।

जानें क्या मांग थी याचिका में
भूतपूर्व सैनिक संघ द्वारा दायर इस याचिका में भगत सिंह कोश्यारी समिति द्वारा पांच साल में एक बार आवधिक समीक्षा की वर्तमान नीति के बजाय एक स्वचालित वार्षिक संशोधन के साथ एक रैंक-एक पेंशन को लागू करने की मांग की गई थी।

केंद्र सरकार ने 7 नवंबर 2015 को ओरोप की अधिसूचना जारी की थी
केंद्र सरकार ने 7 नवंबर 2015 को वन रैंक वन पेंशन योजना(ओरोप) की अधिसूचना जारी की थी। इसमें बताया गया था कि योजना एक जुलाई 2014 से प्रभावी मानी जाएगी।

इससे पहले 16 फरवरी को हुई थी सुनवाई
इससे पहले 16 फरवरी की सुनवाई में अदालत ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केंद्र की अतिश्योक्ति ओरोप नीति पर आकर्षक तस्वीर प्रस्तुत करती है जबकि इतना कुछ सशस्त्र बलों के पेंशनरों को मिला नहीं है। इस पर केंद्र ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि यह मंत्रिमंडल का लिया गया फैसला है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि ओरोप की अभी तक कोई वैधानिक परिभाषा नहीं है।

You Might Also Like

मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा

श्रीनगर में छाई छत्तीसगढ़ की बेटियां :  साइकिल पोलो फेडरेशन कप में जीता गोल्ड

‘बिटिया @ वर्क’ अभियान : शासकीय कार्यालयों में पहुंचीं बेटियां, प्रशासनिक कामकाज को समझा

बिना पास खनिज परिवहन करते पकड़े गए वाहन, अंबिकापुर में चार टीपर जब्त

सुकमा में मिला नक्सल डंप : 13 हथियार और 208 डेटोनेटर सहित 46 जिंदा कारतूस बरामद

@dmin March 16, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article कोरोना से तत्परता से लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस तो घर की ही कांग्रेस है, मिट गए वो सब जो कांग्रेस के मिटने की बात करते हैं, भूपेश बघेल का कपिल सिब्बल पर निशाना
Next Article यहां सार्वजनिक जगहों पर बुर्के को बैन करने की तैयारी, अगर किया नियमों का उल्लंघन तो भरना पड़ेगा 82000 जुर्माना! हिजाब विवाद: होली की छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को दी गई है चुनौती

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?