नई दिल्ली (एजेंसी)। राजधानी दिल्ली में कोरोना की बेकाबू रफ्तार के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है और ऑक्सीजन सिलेंडरों तथा कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर जैसी दवाओं की कालाबाजारी हो रही है। हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार से कहा कि वह ऑक्सीजन की कालाबाजारी के साथ-साथ रेमडेसिविर और अन्य चिकित्सा आपूर्ति की कमी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए कि मेडिकल ऑक्सीजन जो कम से कम लागत पर आती है, उसकी कालाबाजारी या जमाखोरी के कारण कई हजार या लाखों रुपये खर्च न हों।
जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन और रेमडेसिविर जैसी जरूरी दवाओं की कमी के संबंध में दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार बढ़ते मामलों से निपटने में सक्षम नहीं है। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपका सिस्टम फेल हो गया है, अब यह किसी काम नहीं रह गया है। ऑक्सीजन की ब्लैक मार्केटिंग अब भी जारी है। लोग ऑक्सीजन की खरीद कैसे कर रहे हैं? बड़े पैमाने पर जमाखोरी हो रही है और आप कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
Advocate Alok Agarwal, appearing for Maharaja Agrasen Hospital, tells Delhi High Court about a Delhi Govt's order that hospitals have to attend to all emergency patients within 10-15 minutes and give them oxygen and medicines. HC asks Delhi Govt to take instruction on this. pic.twitter.com/ltFFR2gJBt
— ANI (@ANI) April 27, 2021
कोरोना के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामलों में भारी उछाल है। आप इससे निपटने में सक्षम नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि यह गिद्धों की तरह बर्ताव करने का वक्त नहीं है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि आपसे व्यवस्था नहीं संभल रही है तो केंद्र को जिम्मेदारी दें। कोर्ट ने सरकार से ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत का आंकड़ा भी मांगा है।
दिल्ली हाईकोर्ट की तीखी आलोचना के बाद कई अस्पतालों ने बताया कि वे ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे हैं। अदालत ने दिल्ली सरकार को ऑक्सीजन रिफिलर्स के लिए उचित निर्देश जारी नहीं करने पर भी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से उन ऑक्सीजन प्लांट को अधिग्रहण करने को कहा है जो हमारे (कोर्ट) के आदेशों के बावजूद सुनवाई में शामिल नहीं हुए। ऐसे ऑक्सीजन रिफिलर्स को हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।
केजरीवाल सरकार ने कोर्ट में कहा कि उनके पास रेमडेसिविर की सीमित आपूर्ति है। इस पर कोर्ट ने जानना चाहा कि क्या आपूर्ति की समस्या पर केंद्रित पोर्टल बना सकते हैं ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि घरों में रह रहे कोरोना मरीजों को रेमडेसिविर नहीं देने का सरकार का आदेश गलत है। यह मरीज का जान लेने जैसा है। जरूरी दवा नहीं देकर आप मरीज की जा ले रह हैं।




