ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: बस्तर में ‘बिहान’ से लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर महिलाएं, एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से बढ़ रही आय
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

बस्तर में ‘बिहान’ से लखपति दीदी बनने की ओर अग्रसर महिलाएं, एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से बढ़ रही आय

By Mohan Rao
Published: July 20, 2025
Share
SHARE

रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत राज्य में महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। बस्तर जिले में जगदलपुर, तोकापाल, लोहंडीगुड़ा और दरभा – इन चार विकासखंडों में चिन्हांकित 16 इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर्स के माध्यम से लगभग 4600 परिवारों को एकीकृत खेती और संबद्ध गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समूह से जुड़ी महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिससे वे सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर सकें।

‘बिहान’ परियोजना के तहत, पारंपरिक खेती से हटकर उन्नत किस्म के बीजों और नई तकनीकों का उपयोग करके अधिक मात्रा में उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, पौधों में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए भी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह
परियोजना के पहले चरण में, स्वसहायता समूह से जुड़ी 1800 से अधिक दीदियों ने अपने घरों के बाड़ी में 5 से 10 डिसमिल भूमि पर लतर वाली सब्जियों जैसे करेला, बरबटी, लौकी, तरोई और गिलकी का उत्पादन शुरू किया है। इसके लिए उन्होंने मल्चिंग और मचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। ग्राम कलचा के जयंती बघेल बिहान स्व सहायता समूह’ की सदस्य हैं और लगभग 15 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं। इसी तरह ग्राम नेगीगुड़ा की पद्मा बघेल ‘रुपशिला स्व सहायता समूह’ से जुड़ी हैं और 10 डिसमिल में सब्जी उगा रही हैं। ग्राम बीजापुट की चंपा बघेल ‘जीवन ज्योति स्व सहायता समूह’ की सदस्य हैं और 25 डिसमिल में, जबकि ग्राम करणपुर की हीरामणि ‘दुलार देई स्व सहायता समूह’ की सदस्य हैं और 5 डिसमिल में सब्जी उत्पादन कर रही हैं।

इस पहल से गांवों में सब्जियों का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है, जिससे न केवल स्वयं के परिवार के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने पर होने वाले खर्च में भी कमी आ रही है। इस बचत राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, संपत्ति निर्माण या नए व्यवसाय में कर सकती हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त सब्जी को स्थानीय बाजारों और छोटी मंडियों में बेचकर महिलाएं अपनी आय बढ़ा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।g भविष्य में, बस्तर में उत्पादित सब्जियों की मांग के अनुरूप जिले के बाहर भी इनकी आपूर्ति की योजना है।

एक सदस्य, कई आजीविका गतिविधियां
‘बिहान’ परियोजना का लक्ष्य एक सदस्य को तीन से चार आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है। इसमें सब्जी उत्पादन के अलावा मक्का, पशुपालन (मुर्गी, बकरी), वनोपज (इमली प्रसंस्करण), मछली पालन और लघु धान्य उत्पादन जैसी संबद्ध गतिविधियां भी शामिल हैं, जो महिलाओं की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ‘बिहान’ की यह पहल बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे सही मायने में ‘लखपति दीदी’ बन सकेंगी।

भारत की बेटियों ने रचा इतिहास : विमेंस वर्ल्डकप के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया… सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया
Breaking News : अंबिकापुर में हो गई हवाई सेवा की शुरुआत, पीएम मोदी ने वर्चुअली किया मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का लोकार्पण
गुंडरदेही में भाजपा प्रत्याशी के कार्यकर्ताओं से मारपीट, थाने पहुंची शिकायत… जांच में जुटी पुलिस
नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री बघेल, बोले- जीएसटी से राज्यों को राजस्व हानि, भरपाई की जल्द हो स्थायी व्यवस्था
जैन मुनियों का हुआ चातुर्मास प्रवेश… श्रमण संघ परिवार ने किया भव्य स्वागत… चार माह तक होगी धर्मारधना
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को राज्यपाल डेका का निर्देश, जिस कोर्स में छात्र और शिक्षक नहीं, उन्हें कर दें बंद
Next Article मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 56 पदों की मिली स्वीकृति

Ro.No.-13848/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?