ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: वन धन विकास केंद्र पंचक्की : स्व-सहायता समूहों को 23 लाख से अधिक की वार्षिक आय
Share
Notification Show More
Latest News
युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
September 30, 2026
मेंटेनेंस के लिए बंद रहेगा नेहरू नगर अंडरब्रिज, एक लेन से मिलेगी आने जाने की सुविधा
September 30, 2026
PHQ में नारकोटिक्स मामलों की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन पर वर्कशॉप, ADG अमित कुमार बोले- प्रभावी जांच जरूरी
September 30, 2026
भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैब कॉपर केबल चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, 100 किलो स्क्रैब कॉपर जब्त
September 30, 2026
साय कैबिनेट की बैठक : महाविद्यालयों में अथिति व्याख्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को मिलेगी प्राथमिकता
September 30, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

वन धन विकास केंद्र पंचक्की : स्व-सहायता समूहों को 23 लाख से अधिक की वार्षिक आय

By Poonam Patel Published April 8, 2026
Share
वन धन विकास केंद्र पंचक्की : स्व-सहायता समूहों को 23 लाख से अधिक की वार्षिक आय
वन धन विकास केंद्र पंचक्की : स्व-सहायता समूहों को 23 लाख से अधिक की वार्षिक आय
SHARE

रायपुर। वन धन विकास केंद्र आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए में शुरू की गई एक अनूठी पहल है। ये केंद्र स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को जोड़कर, लघु वन उत्पादों (MFP) के मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से आदिवासियों की आय और आजीविका को बढ़ाते हैं। ये समूह जंगलों में मिलने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों से च्यवनप्राश, वासावलेह, कौंचपाक और आरोग्य अमृत जैसे उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार मिल रहा है।

जशपुर जिले के पंचक्की स्थित वन धन विकास केंद्र (VDVK) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह ग्रामीण उद्यमिता और जनजातीय सशक्तिकरण का अच्छा उदाहरण बनकर सामने आए हैं। इस पहल से उरांव जनजाति के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। पहले ये लोग मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री जनजातीय वन  धन विकास योजना (PMJVM) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ (CGMFED) और ट्राइफेड (TRIFED) के सहयोग से सफल उद्यमी बन गए हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन समूहों ने 23.16 लाख रूपए की वार्षिक बिक्री दर्ज की है, जबकि पिछले पाँच वर्षों में औसत वार्षिक बिक्री 31.9 लाख रूपए रही है। यह उनकी लगातार मेहनत और उत्पादों की गुणवत्ता का परिणाम है।

इस सफलता में प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। CGMFED द्वारा समूहों को उत्पाद की गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन, मशीनरी और विपणन में भी सहायता प्रदान की गई।

समूहों ने ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत अपनी पहचान बनाई है और ‘संजीवनी’ आउटलेट्स के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा, आयुष विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त कर उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से समूह के सदस्यों की आय बढ़ी है और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

अब वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं। बेहतर कार्य के लिए समूहों को सम्मान भी मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ी है। वन धन विकास केंद्र पंचक्की की यह सफलता दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण, सहयोग और सामूहिक प्रयास से जनजातीय समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।

You Might Also Like

युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

मेंटेनेंस के लिए बंद रहेगा नेहरू नगर अंडरब्रिज, एक लेन से मिलेगी आने जाने की सुविधा

PHQ में नारकोटिक्स मामलों की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन पर वर्कशॉप, ADG अमित कुमार बोले- प्रभावी जांच जरूरी

भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैब कॉपर केबल चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, 100 किलो स्क्रैब कॉपर जब्त

साय कैबिनेट की बैठक : महाविद्यालयों में अथिति व्याख्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को मिलेगी प्राथमिकता

Poonam Patel April 8, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article डिजिटल तकनीक से होगी देश की गिनती, स्व-गणना पोर्टल से घर बैठे दर्ज करें अपना विवरण जनगणना 2027 : डिजिटल तकनीक से होगी देश की गिनती, स्व-गणना पोर्टल से घर बैठे दर्ज करें अपना विवरण
Next Article ग्राम पंचायत तेलासी में पहुंचा हर घर नल से जल,प्रमाणीकरण के साथ संचालन व्यवस्था हस्तांतरित ग्राम पंचायत तेलासी में पहुंचा हर घर नल से जल, प्रमाणीकरण के साथ संचालन व्यवस्था हस्तांतरित

Ro.No.-13998/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?