ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: आरटीई के तहत 14403 बच्चों को निजी स्कूलों में मिला प्रवेश, ऑनलाइन लॉटरी बनी सुशासन का उदाहरण
Share
Notification Show More
Latest News
अमर शहीदों के बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री साय
October 18, 2026
मुख्यमंत्री साय ने की मां काली और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद
October 18, 2026
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़, 19 की मौत और 25 घायल
October 18, 2026
यातायात विभाग की कार्रवाई : सड़क पर बिजनेस करने वाले वाहन डीलरों  व आटो चालकों को समझाइश
October 17, 2026
नवरात्रि पर्व पर पूजा व गरबा पंडालों पर सुरक्षा के लिए तैनात दुर्ग पुलिस, 361 पुलिस कर्मी मैदान में
October 17, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhEducationFeaturedRaipur

आरटीई के तहत 14403 बच्चों को निजी स्कूलों में मिला प्रवेश, ऑनलाइन लॉटरी बनी सुशासन का उदाहरण

By Mohan Rao Published April 16, 2026
Share
SHARE

पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया से शिक्षा के अधिकार को मिला नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 14,403 बच्चों का चयन सुनिश्चित किया। मंत्रालय महानदी भवन से वर्चुअल माध्यम से प्रारंभ हुई यह प्रक्रिया पारदर्शिता, समान अवसर और डिजिटल सुशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।

राज्यभर से प्राप्त कुल 38,439 आवेदनों में से 27,203 आवेदन निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्र पाए गए, जिनमें से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 14,403 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश प्रदान किया गया। यह पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार राज्य स्तर पर सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसी भी बच्चे की प्रगति आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। हमारी प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान अवसर के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो।

उल्लेखनीय है कि आरटीई प्रावधानों के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का सतत प्रयास कर रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3 लाख 63 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के अंतर्गत शुल्क प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके और निजी विद्यालयों में उनके प्रवेश की प्रक्रिया और सुदृढ़ हो।

पूरी प्रवेश प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसमें आवेदन से लेकर दस्तावेज सत्यापन और चयन तक के सभी चरण पूर्णतः पारदर्शी और तकनीक आधारित हैं। अभिभावक स्वयं या चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान ही सिस्टम द्वारा निवास क्षेत्र से 1.5 किलोमीटर के दायरे में स्थित निजी विद्यालयों की जानकारी एवं उपलब्ध सीटों का विवरण प्रदर्शित किया जाता है, जिससे अभिभावकों को सूचित एवं सहज चयन का अवसर प्राप्त होता है।

पात्रता के अनुसार 5.5 से 6.5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है। जिन विद्यालयों में सीटें रिक्त रह जाती हैं, वहाँ जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसकी जानकारी आरटीई पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल न केवल हजारों बच्चों के शिक्षा के सपनों को साकार कर रही है, बल्कि छत्तीसगढ़ में एक समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान कर रही है। राज्य सरकार का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त और दूरदर्शी परिवर्तन का संकेत है।

आवेदन एवं चयन की स्थिति
इस वर्ष कुल 21 हज़ार 975 सीटों के विरुद्ध 38 हजार 439 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 हजार 203 आवेदन पात्र एवं 11 हज़ार 236 आवेदन अपात्र पाए गए। पात्र आवेदनों में से 14 हजार 403 विद्यार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। यह चयन संख्या मुख्यमंत्री डी.ए.व्ही. विद्यालयों की आर.टी.ई. सीटों को छोड़कर है। इन विद्यालयों में जिला स्तर पर ऑफलाइन लॉटरी आयोजित कर पृथक जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल में अपडेट की जाएगी।

जिलेवार चयनित विद्यार्थियों का विवरण
जिलेवार चयनित विद्यार्थियों की स्थिति इस प्रकार है- रायपुर में 2606, बिलासपुर में 1509, दुर्ग में 1059, कोरबा में 534, राजनांदगांव में 480, बलौदाबाजार-भाटापारा में 457, जांजगीर-चांपा में 500, मुंगेली में 702, कवर्धा में 367, धमतरी में 354, बलरामपुर में 798, रायगढ़ में 544, बेमेतरा में 315, जशपुर में 543, सक्ती में 347, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 258, महासमुंद में 244, कांकेर में 471, बालोद में 353, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 195, सूरजपुर में 427, सरगुजा में 273, गरियाबंद में 193, कोरिया में 179, बस्तर में 135, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 206, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 112, कोंडागांव में 101, नारायणपुर में 35, मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 48, दंतेवाड़ा में 35, सुकमा में 9 तथा बीजापुर में 14 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

सीटें रिक्त रहने के प्रमुख कारण
कुछ निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. सीटें पूर्ण रूप से नहीं भर पाईं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई विद्यालयों को आवेदकों द्वारा प्राथमिकता नहीं दी जाती, जिससे उनके लिए आवेदन प्राप्त नहीं होते। साथ ही जिन विद्यालयों को द्वितीय या तृतीय प्राथमिकता में रखा जाता है, वहां भी सीटें रिक्त रह जाती हैं, क्योंकि आवेदकों को उनकी प्रथम प्राथमिकता वाले विद्यालय में प्रवेश मिल जाता है। परिणामस्वरूप ऐसे विद्यालय, जो किसी भी आवेदक की प्राथमिकता में नहीं आते, उनकी सीटें खाली रह जाती हैं। राज्य शासन द्वारा आर.टी.ई. प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न किया गया है। आगामी चरणों में शेष सीटों की पूर्ति एवं ऑफलाइन लॉटरी से संबंधित जानकारी आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से जारी की जाएगी।

You Might Also Like

अमर शहीदों के बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय ने की मां काली और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़, 19 की मौत और 25 घायल

यातायात विभाग की कार्रवाई : सड़क पर बिजनेस करने वाले वाहन डीलरों  व आटो चालकों को समझाइश

नवरात्रि पर्व पर पूजा व गरबा पंडालों पर सुरक्षा के लिए तैनात दुर्ग पुलिस, 361 पुलिस कर्मी मैदान में

Mohan Rao April 16, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article सीएम साय ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम
Next Article समाज कल्याण की मजबूत ढाल: जशपुर में 82 हजार से अधिक हितग्राहियों तक पहुंच रही योजनाएं

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?