रायपुर। ताज नगरी आगरा रेलवे स्टेशन में छत्तीसगढ़ के दो तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई है। पटना से कोटा जा रही कोटा-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में यह हादसा हुआ। घटना के कारण चलती ट्रेन में चीख पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि दोनों तीर्थ यात्रियों की मौत दूषित भोजन खाने से हुई है। यही नहीं इसके कारण लगभग 20 यात्री गंभीर हो गए। आगरा केंट रेलवे स्टेशन पहुंचने पर मेडिकल टीम ने पहुंचकर इनका इलाज किया। बेहोशी की हालत में 6 यात्रियों को एसएन मेडिकल कॉलेज और कैंट स्थित मंडलीय रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार 90 लोगों का जत्था छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से तीर्थयात्रा के लिए 14 अगस्त की रात को ट्रेन से रवाना हुआ था। ये सभी एस-1, एस-2 और एस-3 में सवार थे।16 अगस्त को जत्था बनारस पहुंचा और काशी विश्वनाथ समेत अन्य मंदिरों के दर्शन के लिए दो दिन ठहरे। बताया जा रहा है कि 19 अगस्त की दोपहर में यहां के किसी धर्मशाला में चावल और कद्दू की सब्जी बनाई। भोजन को डिब्बों में पैक कर सभी यात्री शाम पांच बजे मथुरा जाने ट्रेन में सवार हो गए। रात में भोजन कर सभी सो गए।
देर रात बिगड़ी तबीयत, मची चीख पुकार
यात्रा के दौरान देर रात 20 से 25 यात्रियों को घबराहट, उल्टी और दस्त होने लगे। आगरा कैंट स्टेशन से 20 किमी पहले कुमारी बाई नेताम (62) की हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। यही नहीं सात यात्री बेहोश हो गए। यह देख चीखपुकार मच गई। इस दौरान कुछ यात्रियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। जब ट्रेन आगरा केंट रेलवे स्टेशन पहुंची तो रामा निषाद (65) नाम की महिला की मौत हो गई। इसके बाद बेहोश छह मरीजों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया है। यहां पांच मरीजों की हालत गंभीर है। बाकी के यात्रियों को मथुरा रवाना कर दिया गया। रेलवे अस्पताल में भर्ती मरीजों में लोकेंद्र यादव (52), सोनिया बघेल (65), प्रभा बाई साहू (60), रंभा बाई साहू (60), हीरा बाई निषाद (50) और एसएन मेडिकल कॉलेज में उत्तम साहू (40) आदि शामिल हैं। वहीं रेलवे पुलिस ने दोनों मृतक महिलाओं के शवों का पोस्ट मार्टम किया।




