मिला करोड़ों के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, 31 मोबाइल, 04 लैपटॉप सहित डिजिटल उपकरण जब्त
भिलाई। म्यूल बैंक खातों के दुरुपयोग एवं संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों से महाराष्ट्र के ठाणे में संचालित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हुआ। थाना वैशाली नगर एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठाणे स्थित किराए के फ्लैट में दबिश देकर दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन करते 10 आरोपियों को पकड़ा। प्रारंभिक जांच में दोनों पैनलों के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों एवं डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराध, म्यूल बैंक खातों के दुरुपयोग एवं ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई के दौरान थाना वैशाली नगर में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 370/2026, धारा 317(2), 317(4), 112, 3(5) बीएनएस एवं छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 7 के प्रकरण की विवेचना में संदिग्ध बैंक खातों एवं ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की जांच की गई। विवेचना के दौरान प्राप्त तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर जानकारी मिली कि दुर्ग-भिलाई एवं धमतरी क्षेत्र के कुछ युवक महाराष्ट्र के ठाणे स्थित किराए के फ्लैट में रहकर ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम द्वारा ठाणे क्षेत्र में दबिश दी गई।
कार्रवाई के दौरान फ्लैट में 10 व्यक्ति दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों का संचालन करते पाए गए। मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप एवं अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में विभिन्न बैंक खातों एवं डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों से संबंधित राशि का लेन-देन किया जाना पाया गया है। बरामद डिजिटल उपकरणों का तकनीकी परीक्षण एवं डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराया जा रहा है। जांच के माध्यम से नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों तथा वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाया जा रहा है।
उक्त कार्रवाई में थाना वैशाली नगर एवं एसीसीयू, दुर्ग की संयुक्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम द्वारा संदिग्ध बैंक खातों से प्राप्त वित्तीय एवं तकनीकी सुरागों का विश्लेषण कर अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए ठाणे स्थित ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनलों तक पहुंच बनाई गई। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, यूपीआई अथवा अन्य बैंकिंग साधन किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। कमीशन या आर्थिक लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराना गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग अथवा संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा डिजिटल उपकरणों एवं वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों क नाम
- विष्णु तिवारी, उम्र 19 वर्ष, निवासी केम्प-1 शांति पारा, बैकुंठ धाम, गवर्नमेंट हॉस्पिटल के पास, भिलाई, थाना छावनी।
- अंकित निषाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, रत्नाबांधा रोड, मधु मेडिकल के सामने, धमतरी।
- नितेश कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी हटकेसर बस्ती, पानी टंकी के पास, धमतरी।
- नरेश कन्हाई, उम्र 24 वर्ष, निवासी बालाजी नगर, चौक के पास, खुर्सीपार, भिलाई।
- दीपक कश्यप, उम्र 27 वर्ष, निवासी गगरेल गांव, जिला धमतरी।
- मेहुल निषाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, हाउसिंग बोर्ड, धमतरी।
- हर्ष वर्धन निषाद, उम्र 19 वर्ष, निवासी अर्शीगांव, लिटिया सेमरिया, थाना बोरी।
- संतोष राम, उम्र 28 वर्ष, निवासी शंकरपुर, जिला मधुबनी, बिहार।
- भुवन लाल देवांगन, उम्र 28 वर्ष, निवासी अन्नपूर्णा पारा, मुक्तिधाम के पास, कांकेर, थाना कांकेर।
- चेतन ध्रुव, उम्र 27 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पुराना नाका, धमतरी।
जब्त सामग्री
- 04 नग लैपटॉप।
- 31 नग मोबाइल फोन।
- 12 नग एटीएम कार्ड।
- 02 नग पैन कार्ड।
- 02 नग बैंक पासबुक।
- 01 नग वाई-फाई/इंटरनेट उपकरण।
- पेन ड्राइव, पावर बैंक, चार्जर एवं विभिन्न केबल।
- नगदी राशि एवं अन्य डिजिटल/तकनीकी सामग्री।




