रायपुर। कथित टूलकिट मामले को लेकर जहां भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता आमने-सामने हैं। वहीं कांग्रेस शासित राज्य में इसे लेकर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को इस मामले में छत्तीसगढ़ की रायपुर शहर पुलिस ने भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का बयान दर्ज करने के लिए 24 मई को उन्हें अपने आवास पर मौजूद रहने के लिए नोटिस जारी किया है। बता दें कि उनके और संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बता दें कि ‘टूलकिट’ मामले में भाजपा के आरोपों को सिरे से खारीज करते हुए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ 19 मई को एफआईआर दर्ज कराई थी। ये एफआईआर रायपुर के सिविल लाइन थाने में छत्तीसगढ़ एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कराई है।


भारतीय दंड संहिता की धाराओं 469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जालसाजी), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 505 (1) (बी) (भय पैदा करने के इरादे से अफवाह फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया। इस बीच, भाजपा की राज्य इकाई ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराके अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कांग्रेस की कोशिश नाकाम रहेगी। वहीं शर्मा ने आरोप लगाया कि इस फर्जी सामग्री को प्रसारित करने का मकसद कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान लोगों की मदद करने में मोदी सरकार की नाकामी से ध्यान भटकाना है।




