बालासोर (एजेंसी)। भारत ने आज रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित स्वदेशी हॉवित्जर एटीएजीएस (उन्नत तोपखाना प्रणाली) का ओडिशा के बालासोर फायरिंग रेंज में परीक्षण किया। डीआरडीओ के एटीएजीएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर शैलेंद्र गाडे ने कहा, यह दुनिया की सबसे अच्छी तोप है। अभी तक कोई दूसरा देश ऐसी तोप विकसित करने में सक्षम नहीं है।

उन्होंने कहा, इस तोप को तीन साल के भीतर डिजाइन किया गया और परीक्षण के लिए रखा गया। जल्द ही, इसको पीएसक्यूआर परीक्षणों के अधीन किया जाएगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि तोपखाना प्रणाली क्षेत्र में भारत के पास सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। गौरतलब है कि सरकार स्वदेशी तकनीक के जरिए हथियारों को बनाने पर जोर दे रही है, ताकि देश को रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
सीडीएस रावत ने कहा- भविष्य की जंग स्वदेशी हथियारों से जीतेंगे
वहीं, चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा था कि भविष्य में होने वाली जंग को भारत स्वदेशी हथियारों से लड़ेगा और दुश्मनों को हराएगा।
रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन यानी डीआरडीओ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीएस रावत ने कहा, हम देख रहे हैं कि रक्षा क्षेत्र को लेकर हमारा निजी उद्योग भी प्रेरित है, उन्हें समर्थन की जरूरत है। मुझे लगता है कि भविष्य में होने वाले युद्ध को हम स्वदेशी हथियारों के माध्यम से जीतेंगे।
सीडीएस बिपिन रावत ने कहा, वर्तमान समय में हमारा देश उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश जिस रफ्तार से आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ा रहा है। ये बेहद जरूरी है कि डीआरडीओ पूरी लगन के साथ काम करता रहे।




