श्योपुर। कभी केबीसी जैसे चर्चित शो में 50 लाख रुपए जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ढाई करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार कर ली गई हैं। गुरुवार को बड़ौदा थाना पुलिस ने उन्हें ग्वालियर स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें श्योपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में महिला जेल शिवपुरी भेजने के आदेश दिए।

जानकारी के अनुसार, अमिता सिंह तोमर उस समय बड़ौदा तहसील में पदस्थ थीं, जब बाढ़ प्रभावितों को राहत राशि वितरण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। जांच में खुलासा हुआ कि मुआवजा वितरण के दौरान काल्पनिक और अपात्र नामों को भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक पीड़ितों को राहत से वंचित रखा गया। इस पूरे प्रकरण में सरकारी खजाने को करीब ढाई करोड़ रुपये की क्षति पहुंचने का अनुमान है।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ बड़ौदा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। लंबे समय से चल रही जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि घोटाले को अंजाम देने के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें कई लोगों की संलिप्तता की आशंका है। अमिता सिंह तोमर वर्तमान में श्योपुर जिले के विजयपुर में तहसीलदार पद पर पदस्थ थीं। उन्हें गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया था।
2011 में जीते थे 50 लाख रुपए
महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। पिछले वर्षों में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, अमिता सिंह अपने बार-बार तबादलों लेकर पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं। साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने से खफा होकर इस्तीफे के पत्र भी लिख चुकी हैं।




