भिलाई। ऑपरेशन विश्वास के तहत यातायाता पुलिस द्वारा स्कूलों में जाकर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मैत्री विद्या निकेतन स्कूल रिसाली में गुरूवार को 600 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की दी जानकारी गई। इस दौरान बिना लाइसेंस एवं बिना हेलमेट वाहन चलाने के दुष्परिणामों से कराया गया अवगत। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया बिना लाइसेंस एवं बिना हेलमेट आने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में प्रवेश न दें तथा ऐसे बच्चों के पालको की बैठक आयोजित कर यातायात पुलिस को सूचना दें।
यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा संचालित “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत नाबालिग वाहन चालकों की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को निरीक्षक पी.डी. चंद्रा, यातायात जोन प्रभारी सिविक सेंटर एवं हमराह स्टाफ द्वारा मैत्री विद्या निकेतन स्कूल, रिसाली में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 600 छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से पूर्व किसी भी प्रकार का वाहन चलाना कानूनन अपराध है तथा इससे स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के जीवन को भी गंभीर खतरा हो सकता है।
छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि यातायात पुलिस द्वारा नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर उनके साथ-साथ वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों के विरुद्ध भी मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में प्रवेश न दिया जाए।
साथ ही ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक आयोजित कर यातायात पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया गया, ताकि अभिभावकों को भी यातायात नियमों एवं उनकी कानूनी जिम्मेदारियों के संबंध में जागरूक किया जा सके। यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए वाहन उपलब्ध न कराएं तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक नागरिक के सहयोग से ही सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित किया जा सकता है।




