ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण, अब समुद्र में और घातक होंगी भारतीय पनडुब्बियां
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण, अब समुद्र में और घातक होंगी भारतीय पनडुब्बियां

By @dmin
Published: March 9, 2021
Share
एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण, अब समुद्र में और घातक होंगी भारतीय पनडुब्बियां
एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण, अब समुद्र में और घातक होंगी भारतीय पनडुब्बियां
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक और कामयाबी हासिल की है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। वहीं समुद्र में भारत की पनडुब्बियां और भी घातक हो जाएंगी। डीआरडीओ ने आईएनएस करंज पनडुब्बी को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के एक दिन पहले सोमवार रात को मुंबई में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) तकनीक का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण नौसेना की ताकत में इजाफा करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे भारतीय पनडुब्बियों को समुद्र के भीतर और भी अधिक घातक बना देगा। भारत के दुश्मनों को पता भी नहीं चलेगा और वे तबाह हो जाएंगे।
एआईपी तकनीक पनडुब्बी को पानी के नीचे अधिक समय तक रहने की इजाजत देता है और एक परमाणु पनडुब्बी की तुलना में इसे शांत रखते हुए उप-सतह (सब-सरफेस) के प्लेटफॉर्म को और अधिक घातक बनाता है। भारतीय नौसेना ने अब अपने सभी कलवरी क्लास के गैर-परमाणु हथियारों में एआईपी तकनीक को अपग्रेड करने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि 2023 तक यह काम पूरा हो जाएगा। 

AIP has a force multiplier effect on the lethality of a diesel-electric submarine as it enhances the submerged endurance of the boat, several folds. Fuel cell-based AIP has merits in performance compared to other technologies: DRDO https://t.co/bTWyy1giI3

— ANI (@ANI) March 9, 2021

इन देशों के पास है यह तकनीक
आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एआईपी तकनीक का सफल परीक्षण बेहद अहम कदम है। भारत से पहले यह तकनीक अमेरिका, फ्रांस, चीन, ब्रिटेन और रूस के पास ही थी। डीआरडीओ की एआईपी तकनीक एक फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल पर आधारित है और अंतिम दो कलवरी क्लास पनडुब्बियों को इसके द्वारा संचालित किया जाएगा।  मुंबई में सोमवार को एआईपी डिजाइन का परीक्षण भूमि पर किया गया।

इसलिए विशेष है यह तकनीक
एआईपी या मरीन प्रोपल्शन तकनीक गैर-परमाणु पनडुब्बियों को वायुमंडलीय ऑक्सीजन तक पहुंच के बिना संचालित करने की अनुमति देती है और पनडुब्बियों के डीजल-इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम को बढ़ाती है। इसका मतलब है कि एआईपी फिटेड पनडुब्बी को अपनी बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर नहीं आना पड़ता है और यह लंबे समय तक पानी के नीचे रहता है। एक ओर जहां न्यूक्लियर सबमरीन जहां शिप रिएक्टर की वजह से शोर मचाती हैं, वहीं एआईपी तकनीक से लैस पनडुब्बी एक घातक चुप्पी बनाए रखती है। यह नई तकनीक भारतीय सबमरीन को और भी ज्यादा घातक बनाएंगी।

पाकिस्तान ने फ्रांस से मांगी थी यह तकनीक 
डीआरडीओ की इस तकनीक को फ्रांस से मदद मिली है, जो कलवरी क्लास मैन्युफैक्चरिंग के संदर्भ में भारतीयों के संपर्क में थे। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तान ने भी फ्रांस की तरफ रुख किया था, लेकिन तत्काल अनुरोधों के बावजूद फ्रांस ने पाकिस्तानी एजोस्टा 90 बी पनडुब्बियों को एआईपी तकनीक के साथ अपग्रेड नहीं करने का फैसला किया, जिसके बाद इस्लामाबाद को चीन या तुर्की की ओर जाने को मजबूर होना पड़ा।

टाउनशिप में चला बीएसपी का बुलडोजर, 70 अवैध दुकानों को किया नेस्तनाबूद
छू लो आसमान के सफल विद्यार्थियों का वन मंत्री केदार कश्यप ने किया सम्मान
महादेव एप से सट्‌टेबाजी के दो सटोरिए पकड़ाए, दुबई से लेकर मुंबई-विशाखापट्नम तक जुड़े हैं तार
नीरज पाल महापौर तो गिरवर साहू बंटी होंगे सभापति
जुबिन नौटियाल: उत्तराखंड के लाल ने मुंबई में बिखेरा आवाज का जादू, एआर रहमान की सलाह पर स्कूल टीचर से ली ट्रेनिंग
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article राहुल गांधी के बैकबेंचर वाले बयान पर सिंधिया का पलटवार, बोले - पहले की होती इतनी चिंता… राहुल गांधी के बैकबेंचर वाले बयान पर सिंधिया का पलटवार, बोले – पहले की होती इतनी चिंता…
Next Article Girls of Bhilai won in Twenty-sixth Chhattisgarh State बीसवीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय जूनियर बॉल बैडमिंटन प्रतियोगिता में भिलाई की बालिकाओं ने मारी बाजी

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?