भिलाई। केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा वर्चुअल रैली का आयोजन किया गया। कोरोना संकट के कारण जूम के जरिए पूरे प्रदेश से जिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। वर्चुअल रैली के माध्यम से सीएम भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरा। सीएम भूपेश ने कहा केन्द्र सरकार देशभर में किसानों के लिए एक दर तय कर दे तो कोई विरोध नहीं होगा। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कृषि कानून को किसानों के लिए नहीं बल्कि व्यापारियों के हितों के लिए बनाया गया है।

वर्चुअल रैली के दौरान सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। हमने किसानों को बोनस दिया। राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों के खातों में नगद राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल रैली के दौरान कहा राजीव गांधी न्याय योजना के तहत तीसरी किसानों को तीसरी किस्त एक नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर दी जाएगी। उन्होंने पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह को भी घेरा। किसानों को समर्थन मूल्य के मुद्दे पर कहा कि पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने 21 सौ रुपए समर्थन मूल्य और 300 रुपए बोनस की घोषणा की थी लेकिन एक भी किसान को दिया नहीं। कांग्रेस सरकार ने अपना वादा निभाया और किसानों को बोनस की राशि दी। यही नहीं सरकार ने प्रदेश के हजारों किसानों का कर्ज भी माफ किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि ये कानून सिर्फ व्यापारियों के फायदे के लिए है। मोदी जी झूठ बोल रहे कि इस कानून से किसानों का फायदा होगा। मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था, मगर अब समर्थन खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार जो बोनस दे रही थी किसानों को, उसे केंद्र सरकार रोक दिया। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष विष्णु देव साय और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल बताएं कि ऐसा करके सरकार ने सही किया या गलत। मैं नागपुर गया था वहां अडानी ग्रुप का गोदाम तैयार है, वो किसानों से अनाज लेकर इसका रेट तय करेंगे। सीएम बघेल ने जीएसटी की बकाया राशि को लेकर भी केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लिया। सीएम ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जीएसटी की राशि 4000 करोड़ रुपए अब तक नहीं दिए है।
किसानों के लिए काला कानून
वर्चुअल रैली को प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि कानून के नाम पर केन्द्र सरकार ने काला कानून लाया है। किसानों को फसल कहीं भी बेचने की आजादी गई है और इसके लिए कार्पोरेट घराने तैयार हो रहे हैं। अब फसलों की जमाखोरी होगी और अनाज का दाम बढ़ेगा। गृहमंत्री ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी है, मजदूर विरोधी है. मोदी सरकार के इस कानून को हम नहीं मानते। देश में जब इंदिरा गांधी की सरकार थी तो हरित क्रांति योजना की शुरुआत की गई थी। किसानों को मजबूत किया गया. लेकिन आज मोदी सरकार कृषि कानून के नाम पर काला कानून लेकर आई है. इस कानून से एमएसपी खत्म हो जाएगा। इससे किसान बर्बाद हो जाएंगे। इस कानून से निजी कंपनियों को फायदा होगा।
पत्रिका का विमोचन यह गांव-गांव पहुंचेगी
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पत्रिका का विमोचन किया। इसमें उन सभी सवालों के जवाब है जो किसानों, मजदूरों और आम जनता में उठ रहे हैं। प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित मंत्री मंडल के सभी सदस्य व वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इसका विमोचन किया। संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि इस पुस्तिका में इस कानून से कृषि उपज मंडियां ख़त्म हो जाएंगी ? मंडी और समिति खत्म होने से क्या नुकसान है? क्या किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा ? जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है। इस पुस्तिका की लाखों प्रतियां प्रदेश भर में बंटवाई जाएंगी।




