भिलाई। सामाजिक संगठन गोल्डन एम्पथी (जीई) फाउंडेशन की ओर से दिव्यांग बच्चों के लिए रविवार को आयोजित वार्षिक खेल मेला ‘उड़ान’ में स्पेशल बच्चों ने जमकर दौड़ लगाई। इनके लिए कई प्रकार की खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दिन भर चली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के अलग-अलग सत्र में अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दी और सभी बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान आयोजकों की ओर से सभी स्कूलों के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर बीएसपी के सीईओ अनिर्बान दास गुप्ता इन बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखने पहुंचे थे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि यह सारे बच्चे जितने सहज थे आज खेल के मैदान में भी उतनी ही ऊर्जा के साथ अपनी सहभागिता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों का हौसला बढ़ाने समाज को हमेशा तत्पर रहना चाहिए, जिससे ये समाज में हर क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में पहुंचे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डीआईजी थामस चाको ने कहा कि इन बच्चों के प्रति सिंपैथी नहीं एंपथी का भाव रखना है। इन्हें दया करूणा से ज्यादा हौसला अफजाई की जरूरत है। द्वितीय सत्र में पहुंचे जिले के पुलिस कप्तान डा अभिषेक पल्लव ने कहा कि यहां मौजूद सभी बच्चों में गहरी प्रतिभा छिपी है। इन्हें हम प्रोत्साहित करते रहें तो ये बच्चे पैरालम्पिक खेलों में भी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।
इस अवसर पर जीई फाउंडेशन के संयोजक प्रदीप पिल्लई, जी सुरेश, श्रेयस एस कुमार, सुभागा सुरेश, संजय मिश्रा, स्वाति पंडवार, मृदुला शुक्ला, ज्योति पिल्ले, अनुपमा मेश्राम, स्वाति बारीक, विशाखा, प्रशांत गणवीर, विष्णु आनंद, आदर्श नायर, के विनोद, रावेश गुप्ता, आशित सुरेंद्रन और मनीष टावरी सहित अन्य लोगों की भागीदारी से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन में सेंट थॉमस कॉलेज,बीआईटी, दुर्ग और कल्याणी वारियर्स का विशेष सहयोग रहा। समूचे कार्यक्रम का संचालन पंकज मेश्राम और जावेद खान ने किया।
इन स्कूलों की रही भागीदारी
जीई फाउंडेशन की ओर से दिव्यांग बच्चों के लिए रविवार को आयोजित वार्षिक खेल मेला ‘उड़ान’ में मुख्य रूप मुस्कान स्कूल भिलाई, आकांक्षा स्कूल रायपुर, ब्राइट स्कूल, स्नेह संपदा, प्रेरणा हुडको, कन्या मूक बधिर स्कूल धमतरी, दिव्य ज्योति,नवजीवन स्कूल अभिलाषा स्कूल राजनांदगांव, मानवता स्कूल, प्रगति स्कूल, प्रयास स्कूल, सार्थक स्कूल धमतरी और समग्र शिक्षा अभियान दुर्ग के बच्चों ने भाग लिया।




