ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: अयोध्या में श्रीरामलला ने पहने ननिहाल के कपड़े, जन्माष्टमी पर दिखा अलौकिक सौंदर्य, सीएम साय ने कहा हमारा सौभाग्य
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Breaking NewsCG GovermentChhattisgarhFeaturedRaipur

अयोध्या में श्रीरामलला ने पहने ननिहाल के कपड़े, जन्माष्टमी पर दिखा अलौकिक सौंदर्य, सीएम साय ने कहा हमारा सौभाग्य

By Mohan Rao
Published: August 27, 2024
Share
जन्माष्टमी पर श्रीरामलला ने पहले ननिहाल के कपड़े
SHARE

बस्तर के शिल्पियों द्वारा बुने गए पीले खादी सिल्क से निर्मित किया गया है विशेष परिधान

रायपुर। श्री रामलला की अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली जन्माष्टमी में बस्तर के श्रमसाधकों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए पीले खादी सिल्क से निर्मित शुभवस्त्र से सुशोभित प्रभु श्री रामलला की अलौकिक छटा दर्शनीय है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पुनीत अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ स्थल में श्रीरामलला को छत्तीसगढ़ में निर्मित पीली खादी सिल्क से निर्मित वस्त्र धारण कराना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।

उल्लेखनीय है कि श्री कृष्ण जन्मोत्सव का पर्व अयोध्या में अत्यंत भव्य तरीके से मनाया गया। प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात यह पहली जन्माष्टमी है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखा गया। जन्मोत्सव के लिए मंदिर की रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक सजावट के साथ ही भोग के लिए पंजीरी, पंचामृत और अनेकों व्यंजन तैयार किये गये। इस पावन अवसर पर कीर्तन, भजन का आयोजन भी किया गया।

बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मित हैं वस्त्र
सीएम साय ने कहा कि यह वस्त्र बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मित है। दंडकारण्य जहां मर्यादा पुरुषोत्तम ने अपने वनवास का अधिकांश समय व्यतीत किया, वहां से भेजा वस्त्र धारण करने का समाचार वास्तव में भावुक करने वाला है। भांचा श्रीराम की कृपा उनके ननिहाल पर बरसती रहे यही कामना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जहां के लोगों ने भगवान श्रीराम और माता कौशल्या का सदैव प्रेम और आशीर्वाद पाया है, यहां की माटी में आज भी वही दिव्यता है जो भगवान राम के चरणों से पवित्र हुई है। छत्तीसगढ़ जिसे प्रभु श्री राम के ननिहाल होने का गौरव है यहां पग-पग में प्रभु श्री राम की यादें दिखाई पड़ती है। बस्तर अंचल जिसे दंडकारण्य भी कहा जाता है, जहां प्रभु राम ने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया है, वहां के शिल्पियों द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी के मौके  पर उनके ननिहाल से भेजा गया विशेष परिधान धारण करना छत्तीसगढ़ के जन-जन के लिए गर्व का क्षण है।

छत्तीसगढ़वासियों का हृदय गर्व से भरा
सीएम साय ने कहा कि मामागांव के परंपरागत वस्त्रों में भांचा राम के सुशोभित होने से सभी छत्तीसगढ़वासियों का हृदय गर्व और असीम आनंद से परिपूर्ण है। यह अद्वितीय वस्त्र हमारी परम्पराओं और संस्कारों का प्रतीक है जो भगवान श्री राम और माता कौशल्या को छत्तीसगढ़ की भूमि से जोड़ता है। यह वस्त्र केवल एक परिधान नही, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी परंपरा, हमारी अडिग आस्था और भांचा राम के प्रति हमारे प्रेम एवम श्रद्धा का प्रतीक है।

ननिहाल के भक्तों द्वारा श्रद्धा बुने गए वस्त्र
सीएम साय ने कहा कि भांचा राम के यह वस्त्र केवल धागे से नहीं बल्कि उनके ननिहाल के भक्तों द्वारा श्रद्धा और स्नेह से बुने गए हैं। बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और छत्तीसगढ़ की अनुपम कला को दर्शाते ये वस्त्र छत्तीसगढ़ वासियों की आस्था और समर्पण का प्रतीक भी है। असली स्वर्ण-चूर्ण से हस्तछपाई की गई यह खादी सिल्क, उन अनगिनत घंटों की मेहनत की साक्षी है, जो बस्तर के शिल्पकारों ने भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति में समर्पित करते हुए बिताए हैं।

छत्तीसगढ़ को मिलता है भांचा राम का आशीर्वाद
‘भांचा राम‘ के रूप में श्रीराम का प्रेम और आशीर्वाद यहां के लोगों के हृदय में सदैव प्रवाहित होता रहा है। छत्तीसगढ़ की पावन माटी आज भी उस स्नेह और श्रद्धा को संजोए हुए है, जिससे माता कौशल्या ने अपने पुत्र को संस्कारित किया। यह वही धरती है जहां श्रीराम ने अपने वनवास के समय अपार प्रेम और सम्मान पाया, यहाँ का एक एक कण आज भी भांचा राम और माता कौशल्या की अनुपम गाथा को संजोए हुए है।

कोरोना को लेकर महाराष्ट्र बना चिंता का सबब… 24 घंटे में मिले 4787 नए मरीज, देशभर में सामने आए 12881 नए केस
नक्सल ऑपरेशन को अंजाम देने वाले जवानों को आउट ऑफ टर्म प्रमोशन, 295 पुलिसकर्मी पदोन्नत
आने और जाने का ट्रेन टिकट साथ में बुक करने पर मिलेगा 20% का डिस्काउंट, जानिए क्या है रेलवे का नया प्लान?
बजट पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर भिलाई में व्यापारियों में उत्साह, बोले- छत्तीसगढ़ बने आर्थिक शक्ति-केंद्र     
एनएचएम कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल, मांगे पूरी होने पर संघ ने जताया सीएम साय का आभार
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Assembly Elections : भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की तीसरी सूची, देखे किसे कहां से मिला टिकट
Next Article भिलाई चेम्बर का अभियान जिंदगी न मिलेगी दोबारा, स्टूडेंट्स को मिल रही ज्ञानवर्धक जानकारी

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?