श्रीकंचनपथ, डेस्क। शराब के शौकीनों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शराब पीने को लेकर एक स्टड़ी के बाद रिपोर्ट दी है। WHO ने अपनी स्टडी में दावा किया है कि शराब की पहली बूंद के साथ ही कैंसर का खतरा पैदा हो जाता है। यही नहीं शराब पीने का कोई पैमाना नहीं होता। कई लोगों का मानना है कि कम शराब पीने से खतरा नहीं होता।

शराब को लेकर कहा जाता है कि थोड़ी-थोड़ी पिया करो। WHO ने हाल ही में द लांसेट पब्लिक हेल्थ में रिपोर्ट एक बयान प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब भी शराब की खपत की बात आती है, तो ऐसी कोई सुरक्षित मात्रा नहीं है जो सेहत को प्रभावित न करे। हम शराब के उपयोग के तथाकथित सुरक्षित लेवल को लेकर कोई भी दावा नहीं कर सकते।
WHO की स्टडी में कहा गया है कि अल्कोहल (Alcohol) का सेवन करने से कम से कम 7 प्रकार के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसमें माउथ कैंसर, थ्रोट कैंसर, लिवर कैंसर, ऐसोफैगस कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, कोलन कैंसर शामिल हैं। दरअसल, शराब कोई सामान्य पेय पदार्थ नहीं है, बल्कि यह शरीर को काफी नुकसान पहुंचाती है। अल्कोहल एक ऐसा विषैला पदार्थ है। इसे दशकों पहले इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की ओर से समूह 1 कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया गया था। यह सबसे ज्यादा जोखिम भरा है। इसमें एस्बेस्टस और तंबाकू भी शामिल हैं।
WHO ने अपनी स्टडी में दावा किया है कि इथेनॉल (अल्कोहल) जैविक तंत्र के माध्यम से कैंसर की वजह बनता है। मतलब साफ है कि शराब कितनी ही महंगी क्यों न हो या फिर वह भले ही कम मात्रा में पी जाए। कैंसर का खतरा पैदा करती है। स्टडी में कहा गया है कि अधिक शराब का सेवन करने से कैंसर होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, शराब की शौकीन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या देखी गई है। इसके लिए केवल अल्कोहल जिम्मेदार है।




